लम्पी वायरस का कहर तीन गौवंशों की मौत, चार गंभीर, लावारिस गायों की दुर्दशा पर फूटा गौ सेवक का दर्द।

न्यूज चाचा का धमाका

जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

लम्पी वायरस का कहर तीन गौवंशों की मौत, चार गंभीर, लावारिस गायों की दुर्दशा पर फूटा गौ सेवक का दर्द।

दिनारा। क्षेत्र में गौवंशों पर लम्पी वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दिनारा के पास स्थित शिवमुद्रा कॉलोनी में बीते दिनों तीन गायों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य गौवंश गंभीर हालत में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस स्थिति ने पशुपालकों, गौ सेवकों और पशु चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

गौ सेवक कल्लू महाराज ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लावारिस गायें सड़कों और कॉलोनियों में भटक रही हैं। इनके खाने-पीने की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ये पॉलिथीन, कूड़ा-कचरा तथा अन्य हानिकारक वस्तुएं खाकर पेट भरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों से निकलने वाला दवा संबंधी कचरा भी खुले में फेंक दिया जाता है, जिसे गोवंश खा लेते हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और विभिन्न बीमारियां जन्म लेती हैं।

कल्लू महाराज का आरोप है कि होटलों, ठेलों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों से बचा हुआ भोजन पॉलिथीन सहित खुले में फेंक दिया जाता है। भूखी गायें भोजन के साथ पॉलिथीन भी निगल जाती हैं, जिससे उनके पेट में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में मिलने वाले फलों और सब्जियों में उपयोग किए जाने वाले रासायनिक पदार्थ भी गोवंशों के लिए घातक साबित हो रहे हैं।

पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी डॉ. अरविंद जाटव ने बताया कि क्षेत्र में लम्पी वायरस का संक्रमण बढ़ा है। संक्रमित पशुओं का उपचार किया जा रहा है और विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि लम्पी वायरस से पीड़ित गायों को तेज बुखार, शरीर पर गांठें और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। कई मामलों में बीमारी गंभीर होने पर पशुओं की मौत भी हो जाती है।

डॉ. जाटव के अनुसार पशु चिकित्सा विभाग की टीम दिन-रात उपचार और बचाव कार्य में जुटी हुई है। संक्रमित पशुओं को दवाइयां दी जा रही हैं तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यदि संक्रमण अधिक फैल जाए तो उपचार चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

गौ सेवक कल्लू महाराज ने प्रशासन, नगर परिषद और आम नागरिकों से अपील की है कि गौवंशों के लिए चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पॉलिथीन और मेडिकल कचरे को खुले में फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो लम्पी वायरस और कुपोषण के कारण बड़ी संख्या में गौवंशों की जान खतरे में पड़ सकती है।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि गौवंशों की सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण, उचित खानपान और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर ही इन बेजुबान पशुओं को बचाया जा सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने