हम अक्सर "दुश्मन" समझकर तुरंत दवाइयों से दबाने की कोशिश करते हैं, वह वास्तव में हमारे शरीर की 'मिलिट्री एक्सरसाइज' है।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

हम अक्सर "दुश्मन" समझकर तुरंत दवाइयों से दबाने की कोशिश करते हैं, वह वास्तव में हमारे शरीर की 'मिलिट्री एक्सरसाइज' है।


बुखार (Fever) आना इस बात का सबूत है कि आपका इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) पूरी तरह सजग है और जंग के मैदान में उतर चुका है।

यहाँ इस "कुदरती हीटिंग सिस्टम" के पीछे छिपे अद्भुत विज्ञान को विस्तार से और आसान पॉइंट्स में समझाया गया है:

1. 'हाइपोथैलेमस': शरीर का थर्मोस्टेट

हमारे मस्तिष्क में एक छोटा सा हिस्सा होता है जिसे 'हाइपोथैलेमस' (Hypothalamus) कहते हैं। यह घर के एयर कंडीशनर के रिमोट जैसा काम करता है।

घुसपैठ की सूचना: जैसे ही कोई बैक्टीरिया या वायरस (जिन्हें 'पायरोजेन्स' कहते हैं) खून में घुसते हैं, वे एक रासायनिक संदेश भेजते हैं।

तापमान बढ़ाना: इस संदेश को मिलते ही दिमाग शरीर का तापमान सामान्य (37°C या 98.6°F) से बढ़ाकर 100°F या उससे ऊपर सेट कर देता है।

2. 'हीटिंग' के दो बड़े फायदे

दिमाग जानबूझकर शरीर को गर्म क्यों करता है? इसके पीछे दो मुख्य रणनीतिक कारण हैं:

दुश्मन को कमजोर करना: ज़्यादातर वायरस और बैक्टीरिया एक निश्चित तापमान पर ही पनप सकते हैं। जैसे ही शरीर गर्म होता है, उनकी प्रजनन क्षमता (Reproduction) रुक जाती है और वे कमजोर पड़ जाते हैं।

इम्यूनिटी को बूस्ट करना: गर्मी बढ़ने से हमारे सफेद रक्त कण (WBC) और 'टी-सेल्स' ज़्यादा फुर्तीले हो जाते हैं। वे संक्रमण वाली जगह पर तेज़ी से पहुँचते हैं और दुश्मनों को खत्म करने का काम तेज़ कर देते हैं।

3. बुखार में 'कंपकंपी' और 'ठंड' क्यों लगती है?

यह सबसे दिलचस्प हिस्सा है! जब आपको बुखार होता है, तो आपको बहुत ठंड लगती है और आप रजाई ओढ़ना चाहते हैं।

दिमाग का धोखा: क्योंकि दिमाग ने नया तापमान 102°F सेट कर दिया है, इसलिए आपके शरीर को अपना मौजूदा सामान्य तापमान (98.6°F) बहुत "ठंडा" लगने लगता है।

कंपकंपी का विज्ञान: कंपकंपी (Shivering) मांसपेशियों की एक तेज़ हरकत है, जो घर्षण से अतिरिक्त गर्मी पैदा करती है ताकि शरीर जल्दी से उस ऊँचे तापमान तक पहुँच सके जो दिमाग ने सेट किया है।

4. पसीना आना: "जंग जीत ली गई है"

जब बुखार उतरता है, तो बहुत तेज़ पसीना आता है। इसका मतलब है:

नॉर्मल सेटिंग: दिमाग ने अब तापमान वापस 98.6°F पर सेट कर दिया है।

कूलिंग डाउन: शरीर पसीना निकालकर एक्स्ट्रा गर्मी को बाहर फेंकता है ताकि वह फिर से सामान्य हो सके। यह इस बात का संकेत है कि संक्रमण पर काबू पा लिया गया है।

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