सिरसौद में लगा जाम बिजली कटौती पर मचा बवाल, ग्रामीणों ने तीन घंटे किया रोड जाम।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

सिरसौद में लगा जाम बिजली कटौती पर मचा बवाल, ग्रामीणों ने तीन घंटे किया रोड जाम।

जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती ने जन-आक्रोश का रूप ले लिया है। लोड सेटिंग के नाम पर की जा रही रोजाना की कटौती से त्रस्त ।

शिवपुरी-पिछोर रोड को 3 घंटे तक जाम रखा। जमा में सैकड़ों वाहन फंसे रहे, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

सोमवार सुबह 6 बजे सरपंच अतर सिंह लोधी के नेतृत्व में काली माता मंदिर के सामने शिवपुरी-पिछोर रोड पर चक्काजाम कर दिया। 

सुबह 9 बजे तक लगा रहा। तीन घंटे में रोड के दोनों तरफ ट्रक, बस, कारों की लंबी कतारें लग गईं। 

ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल भी पेश की। जाम में फंसी 11 एम्बुलेंस को उन्होंने बिना किसी रोक-टोक के गंतव्य की ओर जाने दिया। 

अमोला थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, 

ग्रामीण बिजली विभाग के अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सुबह 9 बजे जेई घनश्याम दक्ष मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि लोड सेटिंग के नाम पर लाइट काटी जा रही है, जिससे परेशानी हो रही है। जेई का कहना था कि यह कटौती भोपाल के आदेश पर हो रही है। इस पर सरपंच ने सवाल उठाया कि, अगर भोपाल के आदेश पर कटौती हो रही है, तो फिर कटौती करैरा नगर में क्यों नहीं हो रही? जेई ने जवाब दिया कि कटौती शहरी क्षेत्र में नहीं, ग्रामीण क्षेत्र में की जा रही है। इस जवाब पर सरपंच भड़क गए और उन्होंने जेई से कहा कि, आप कागज पर लिख कर दे दो कि ग्रामीण क्षेत्र में इंसान नहीं जानवर रहते हैं, इसलिए कटौती की जा रही है। हम अभी जाम खोल देते हैं। इस पर जेई निरुत्तर हो गए। काफी जद्दोजहद के बाद सरपंच ने थाना प्रभारी के कहने पर जाम खोला, लेकिन चेतावनी दी कि अगर अब फिर से अघोषित कटौती की गई तो अगली बार अमोला थाने के सामने फोरलेन हाईवे जाम किया जाएगा।

फसलें सूखने की कगार पर, गांव में जल संकट

सरपंच अतर सिंह लोधी ने बताया कि बिजली कटौती की वजह से किसान खेतों में पानी नहीं छोड़ पा रहे हैं। पहले ही बारिश नहीं हुई है, ऊपर से बिजली नहीं मिलने से फसलें खराब होने की स्थिति में आ गई हैं। दूसरी बड़ी समस्या नल-जल योजना की है। लाइट नहीं होने से पानी की टंकी नहीं भर पा रही है, जिससे घरों में नलों की सप्लाई ठप है और गांव में जल संकट के हालात बन गए हैं। रात-रात भर लोग जागने को मजबूर हैं।

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