जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
108 एम्बुलेंस की देरी से सड़क किनारे हुआ प्रसव, तहसीलदार ने सरकारी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल।
शिवपुरी। जिले की बैराड़ तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का मामला सामने आया है। 108 एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचने से प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक जनजातीय महिला को सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। सूचना मिलने पर तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस मौके पर पहुंचे और अपनी सरकारी गाड़ी से जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे परिजन।
जानकारी के अनुसार, राजपुरा (टपरा) निवासी संजू आदिवासी को बुधवार शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची। दर्द बढ़ने पर परिजन बारिश के बीच महिला को बाइक से बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर रवाना हुए।
गोन्दोलीपुरा के पास सड़क किनारे हुआ प्रसव।
रास्ते में गोन्दोलीपुरा के पास महिला की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। मजबूरी में परिजनों को सड़क किनारे रुकना पड़ा। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बैराड़ निवासी धीरज ओझा ने हालात देखकर तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस को सूचना दी। तहसीलदार के पहुंचने से पहले ही रात करीब 8:45 बजे महिला ने सड़क किनारे नवजात को जन्म दे दिया।
तहसीलदार ने दिखाई संवेदनशीलता।
सूचना मिलते ही तहसीलदार मौके पर पहुंचे और बिना देर किए अपनी सरकारी गाड़ी से जच्चा-बच्चा एवं परिजनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। इसके बाद वे स्वयं भी अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मां और नवजात दोनों स्वस्थ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा का परीक्षण किया। चिकित्सकों के अनुसार मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।
घटना के बाद ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि एम्बुलेंस समय पर पहुंच जाती तो महिला को सड़क किनारे प्रसव जैसी जोखिम भरी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है।
