न्यूज चाचा का धमाका जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी

न्यूज चाचा का धमाका

जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

जिस उम्र में युवा कैरियर, पैकेज, गाड़ी, बंगला और नाम कमाने की दौड़ में लगे होते हैं, उस उम्र में एक युवक ने संसार की चकाचौंध को ठुकराकर आत्मकल्याण का मार्ग चुन लिया। जिस समय हाथ मोबाइल नहीं छोड़ते, उस समय उन्होंने मोह छोड़ दिया। जिस दौर में लोग रिश्ते जोड़ते हैं, उस दौर में उन्होंने राग-द्वेष तोड़ दिए। बी.एससी. की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे चाहते तो सांसारिक उपलब्धियों की ऊँचाइयाँ छू सकते थे, लेकिन उन्होंने तप, त्याग और संयम की उस राह को चुना जिस पर चलने का साहस विरले ही कर पाते हैं।

06 जुलाई 1999 को राहतगढ़ की पावन धरा पर आपका अवतरण हुआ। वह दिन केवल एक परिवार का नहीं, असंख्य श्रद्धालुओं के सौभाग्य का दिवस बन गया। उसी शुभ घड़ी का परिणाम है कि आज हमें आपके दर्शन, सान्निध्य और प्रेरणा का अमूल्य लाभ प्राप्त हो रहा है।

आजीवन ब्रह्मचर्य, संघ प्रवेश और फिर ऐलक दीक्षा—ये के

वल पड़ाव नहीं, बल्कि आत्मा की उस महान यात्रा के मील के पत्थर हैं जहाँ संसार पीछे छूट जाता है और केवल साधना शेष रह जाती है। आपका जीवन पंचमकाल के युवाओं के लिए यह उद्घोष है कि जिसने स्वयं को जीत लिया, उसने समस्त संसार को जीत लिया।

पूज्य ऐलक श्री 105 सुगुण सागर जी महाराज के अवतरण दिवस पर कोटिशः मंगलमय शुभकामनाएँ। गुरुश्रेष्ठ निर्यापक श्रमण श्री 108 सुधासागर जी महाराज का मंगलमय आशीर्वाद आप पर सदैव बना रहे। आप महान साधकों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने तप, त्याग, संयम और ओजस्वी व्यक्तित्व से जैन धर्म की प्रभावना को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ तथा अनगिनत आत्माओं के लिए वैराग्य और मोक्षमार्ग की प्रेरणा बनते रहें।

बार-बार वंदन ऐसे युवा साधक को, जिसकी आयु भले कम हो, पर जिसका आत्मबल और वैराग्य युगों तक स्मरण किया जाएगा। अवतरण दिवस की कोटि-कोटि मंगलमय शुभकामनाएँ। 🙏🍁

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