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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश ने लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की है।विधानसभा की ध्यानाकर्षण सूचना का त्रुटिपूर्ण उत्तर भेजने के मामले में शिवपुरी के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी उत्कृष्ट उमावि क्रमांक-01 के प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए परिनिंदा की सजा दी है।
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी आदेश क्रमांक /यू.सी.आर./ध्यानाकर्षण सूचना-123/शिवपुरी/2026/डीआईएस/1211635/2026 में यह कार्रवाई की गई है।
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क्या है पूरा मामला
आदेश के अनुसार, मप्र विधानसभा की ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक 123 मार्च 2026 का संचालनालय स्तर पर शिवपुरी जिले द्वारा त्रुटिपूर्ण उत्तर उपलब्ध कराया गया था। इस गंभीर चूक पर संचालनालय ने अपने पत्र क्रमांक 454, दिनांक 16 मार्च 2026 से विवेक श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रतिवाद चाहा था। इस कारण बताओ नोटिस के संबंध में विवेक श्रीवास्तव ने 6 अप्रैल 2026 को अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करते हुए कहा था कि, ध्यानाकर्षण सूचना के संबंध में उनके कार्यालय के पत्र क्रमांक-34 दिनांक 17 फरवरी 2026 द्वारा वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन भेजा जा चुका है। साथ ही गुरुजी, अनुदेशक, पर्यवेक्षक से संविदा शाला शिक्षक बने लोकसेवकों के प्रकरणों का समिति से परीक्षण कराकर पात्र लोकसेवकों के क्रमोन्नति आदेश कार्यालयीन आदेश क्रमांक /स्थापना/2026/1589-90 दिनांक 14 मार्च 2026 से जारी कर दिए गए हैं।
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संचालनालय ने प्रतिवाद को माना आंशिक रूप से ही सही
संचालनालय द्वारा प्रतिवाद का परीक्षण किया गया। परीक्षण में पाया गया कि संचालनालय ने अपने पत्र दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को ही इस संबंध में स्पष्ट मार्गदर्शन दे दिया था, इसके बावजूद पात्रता परीक्षण और क्रमोन्नति आदेश 14 मार्च 2026 को जाकर जारी किए गए। विलंब और विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण पटल पर गलत जानकारी देने को गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रतिवाद को आंशिक समाधानकारक ही माना गया। इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-10 के अंतर्गत विवेक श्रीवास्तव के विरुद्ध परिनिंदा की सजा अधिरोपित की गई है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विधानसभा से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए यह कार्रवाई एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
