अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय सेल गठित। अब नगरीय क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास, लाइसेंस एवं अनुमतियों की होगी निगरानी।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 


अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय सेल गठित।

अब नगरीय क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास, लाइसेंस एवं अनुमतियों की होगी  निगरानी।

शिवपुरी, 18 जून 2026/ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने जिले के नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने तथा अवैध कॉलोनियों की रोकथाम एवं अनधिकृत भूखण्ड विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का गठन किया है। यह सेल कॉलोनाइजर लाइसेंस, कॉलोनी विकास अनुमतियों तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का कार्य करेगी।

अपर कलेक्टर होंगे प्रभारी अधिकारी।

जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर को बनाया गया है। सेल में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक, संबंधित उप पंजीयक तथा संबंधित तहसीलदार सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

नवीन कॉलोनियों के प्रस्तावों का होगा परीक्षण।

जिले के नगरीय क्षेत्रों के लिए प्राप्त होने वाले समस्त नवीन कॉलोनाइजर लाइसेंस आवेदनों एवं नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों का नियमानुसार प्रारंभिक परीक्षण जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा किया जाएगा तथा परीक्षण उपरांत अपने स्पष्ट अभिमत सहित प्रकरण कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों पर कॉलोनी सेल द्वारा यह परीक्षण किया जाएगा कि आवेदक द्वारा मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021, मध्यप्रदेश कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन एवं शर्तें नियम 1998 तथा अन्य प्रचलित नियमों के अंतर्गत अपेक्षित समस्त दस्तावेज यथा स्वामित्व संबंधी अभिलेख, प्रस्तावित कॉलोनी क्षेत्र मास्टर प्लान, विकास योजना, क्षेत्रीय योजना अथवा अन्य स्वीकृत नगरीय नियोजन प्रावधानों के अनुरूप है अथवा नहीं। प्रस्तावित कॉलोनी में सड़क, पेयजल, विद्युत, जल निकासी, उ‌द्यान, सार्वजनिक उपयोग की भूमि एवं अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए गए हैं अथवा नहीं, भूमि स्वामित्व, भूमि उपयोग, डायवर्सन की स्थिति, भू-अभिलेखीय प्रविष्टियों तथा किसी प्रकार के न्यायालयीन अथवा राजस्व विवाद का परीक्षण किया जाएगा। विकास हेतु प्रस्तावित कॉलोनी के संबंध में नगरीय निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक तकनीकी अभिमत प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा तथा अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।


अवैध कॉलोनियों पर लगेगी रोक,

कॉलोनाईजर लायसेंस नवीनीकरण अथवा अनुमति निरस्तीकरण संबंधी समस्त महत्वपूर्ण प्रकरण प्रभारी अधिकारी, जिला स्तरीय कॉलोनी सेल की अनुशंसा सहित अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। कॉलोनी सेल यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कॉलोनी बिना सक्षम अनुमति एवं वैधानिक स्वीकृतियों के विकसित न हो। कॉलोनी सेल द्वारा जिले में विकसित हो रही कॉलोनियों का सर्वेक्षण कराया जाएगा तथा ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार की जाएगी जिनके पास वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस, विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, अधोसंरचना विकास योजना तथा अन्य आवश्यक अनुमतियाँ उपलब्ध हैं अथवा नहीं। जहाँ कहीं भी अनाधिकृत कॉलोनी विकसित होना पाई जाती है, वहाँ कॉलोनी सेल सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रारंभ करने एवं प्रकरण दर्ज करने के प्रस्ताव अनुशंसा सहित प्रस्तुत करगी।

जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्राप्त शिकायतों, निरीक्षण प्रतिवेदनों, अवैध कॉलोनियों की स्थिति, लंबित कार्यवाहियों, जारी नोटिसों एवं प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा की जाएगी। जिला स्तरीय कॉलोनी सेल द्वारा वैध एवं अवैध कॉलोनियों की अद्यतन सूची तैयार कर विधिवत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचाया जा सके।


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