14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा के विरोध में उठी पुनः जांच की मांग।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा के विरोध में उठी पुनः जांच की मांग।




दिनारा। वर्ष 2022 के चर्चित प्रकरण में 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं गौसेवा से जुड़े लोगों द्वारा मामले की पुनः जांच की मांग उठाई जा रही है। इसी क्रम में गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष कल्लू महाराज ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यदि कोई निर्दोष हो तो उसे न्याय मिल सके।

कल्लू महाराज ने कहा कि न्याय व्यवस्था पर सभी को विश्वास है, लेकिन मामले से जुड़े कई तथ्यों पर अभी भी समाज के एक वर्ग में प्रश्न उठ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए जाने से सच्चाई सामने आ सकेगी और न्याय प्रक्रिया के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे मामले की पुनः समीक्षा कराई जाए तथा उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि कोई निर्दोष पाया जाता है तो उसे न्याय मिलना चाहिए।

दिनारा क्षेत्र में भी इस विषय को लेकर कुछ लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की दोबारा जांच और न्यायिक प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए।

गौ सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।

उधर, न्यायालय द्वारा सुनाया गया निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर दिया गया है। किसी भी निर्णय के विरुद्ध कानून के तहत उच्च न्यायालय एवं अन्य सक्षम न्यायिक मंचों पर अपील का प्रावधान भी उपलब्ध है।

क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे इस प्रकरण में कानूनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं

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