न्यूज़ चाचा का धमाका
जितेंद्रर् जैन जिला शिवपुरी
समाचार
शिवपुरी के एक और तालाब का अस्तित्व खतरे में।
शहर के 13 तालाब निगल चुके भू- माफिया, अब
14वें मनियर तालाब पर हो रहे कब्जे,
अवैध खनन व 80 फीसदी में खेती।
शिवपुरी। शहर के एक और तालाब का अस्तित्व अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया।
तालाब की 80 फीसदी जमीन पर कब्जा कर खेती की जा रही है
जिसके रख-रखाव के लिए आई 5 करोड़ रुपए की राशि में ओपन भ्रष्टाचार करके मुरम के गड्ढे को नगरपालिका ने तलैया बनाने के साथ ही उसका नामकरण भी केंद्रीय मंत्री की माताजी के नाम से रखने का प्रस्ताव पास कर लिया।
गौरतलब है कि शिवपुरी शहर में मेला ग्राउंड के पास स्थित गोरखनाथ मंदिर
जिला प्रशासन भी सरकार के जल संरक्षण अभियान के कॉलम को भर लेगा,
शहर में सरेआम एक प्राचीन मनियर तालाब पर कब्जा करके उसके अस्तित्व को खत्म करने की तैयारी पूरी हो गई,
जिला प्रशासन एवं नगरपालिका आँख मूंदे बैठी है।
पानी न भरने का झूठा बहाना, 2021 में फूटने की कगार पर था:
प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी उन भूमाफिया से मिलकर बनाते हैं,
वर्ष 2021 में तालाब इतना लबालब हो गया था कि आसपास वालों को घर मकान खाली करने का अलर्ट जारी किया था।
मनियर तालाब के लिए 5 करोड़ से संवारी सूखी तलैया।
मध्यप्रदेश शासन ने 5 करोड़ रुपए की राशि जारी की थी।
नगरपालिका ने उस राशि में से 10 रुपए भी मनियर तालाब में न लगाते हुए,
मुरम के अवैध उत्खनन से बनी सूखी तलैया को संवारने में लगा दिए।
शिवपुरी शहर में नगरपालिका का ओपन भ्रष्टाचार है।
पूर्व कलेक्टर ने बचाया था एक तालाब:
शिवपुरी के पूर्व कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने शहर के भुजरिया तालाब को संरक्षित करने के लिए सुबह-शाम मॉनिटरिंग करके
तहसीलदार के माध्यम से जलकुंभी मुक्त करवाया था।
जल संरक्षण अभियान में उन्हें प्रदेश रैंकिंग में अच्छा स्थान मिला था। वर्तमान
कलेक्टर अर्पित वर्मा भी शिवपुरी के लिए सचमुच धरातल पर जल संरक्षण करना चाहते हैं तो मनियर तालाब को बचा लें,
यह तालाब एक बड़े एरिया को रिचार्ज करता है।

