भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात नगरपालिका में रिश्वत लेते स्थापना बाबू को लोकायुक्त ने दबोचा।

न्यूज़ चाचा का धमाका

जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात नगरपालिका में रिश्वत लेते स्थापना बाबू को लोकायुक्त ने दबोचा।

नपा के निलंबित चल रहे नाकेदार को नौकरी में वापस लेने के एवज में मांगे थे 60 हजार, सीएमओ का भी था हिस्सा, बाबू ने कहा था 

शिवपुरी। शनिवार की दोपहर ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने नगरपालिका शिवपुरी के स्थापना बाबू भगवान लाल करोसिया को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। 

महत्वपूर्ण बात यह है कि बाबू यह रिश्वत अपने ही नपा के निलंबित नाकेदार हरिवल्लभ चंदोंरिया से ले रहा था। 

लोकायुक्त ने इस मामले में नपा सीएमओ इशांक धाकड़ की भी संलिप्तता मानते हुए जांच में नाम बढ़ने की संभावना जताई है। 

भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात 

नगरपालिका शिवपुरी में रिश्वतखोरी के मामले में भी चरम पर है।

नपा शिवपुरी में पदस्थ नाकेदार हरिवल्लभ चंदोरिया बीते 14 नवंबर 2025 को सीएमओ ने निलंबित कर दिया था नौकरी में वापसी के लिए चंदोरिया ने जब काफी समय तक प्रयास किया तो निष्कर्ष निकला कि 60 हजार रुपए दो, और अपनी कुर्सी वापस लो। 

इसमें से 20 हजार रुपए पहली किश्त के रूप में ले लिए थे। जाहिर है कि स्थापना बाबू इतना सक्षम नहीं है कि निलंबित कर्मचारी को बहाल कर सके। इसलिए उसने जब सीएमओ से बात की होगी, 

चंदोरिया को बताया गया कि 60 हजार रुपए का खर्चा आएगा। चंदोंरिया ने बताया कि स्थापना बाबू करोसिया ने कहा था कि मैने सीएमओ से बात कर ली है, तुम माल दो और कुर्सी लो।

चन्दोरिया ने लोकायुक्त में शिकायत की, तथा रिकॉर्डिंग होने के बाद शनिवार को 40 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने धर दबोचा। 

शिकायतकर्ता चंदोरिया ने बताया कि बाबू करोसिया ने कहा था कि सीएमओ ने कह दिया है कि माल ले लो, मैं बहाल कर दूंगा। इसका मतलब इसी शहर में पला बढ़ा मोड़ा यानि सीएमओ इशांक धाकड़ अपने शहर में जमीनों का काम करने के साथ, मनमाने अंदाज में परम्पराओं को खत्म करने के साथ रिश्वत भी खुलेआम ले रहा है। लोकायुक्त टीम के प्रभारी ने भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि स्थापना बाबू के साथ सीएमओ की संलिप्तता है, क्योंकि बहाल करने का अधिकार तो सीएमओ को ही है। उन्होंने कहा है कि जांच में सीएमओ का नाम भी इस केस में बढ़ सकता है। Collector Shivpuri Jyotiraditya M Scindia Dr Mohan Yadav Narendra Modi Amit Shah Hemant Khandelwal Yashodhara Raje Scindia Virendra Raghuwanshi

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने