दिनारा के छात्रों ने रचा सफलता का इतिहास, रास जेवी पब्लिक स्कूल बना उत्कृष्टता का केंद्र।



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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी

समाचार 

दिनारा के छात्रों ने रचा सफलता का इतिहास, रास जेवी पब्लिक स्कूल बना उत्कृष्टता का केंद्र।

दिनारा कस्बे में स्थित अशोक होटल के पास संचालित रास जेवी पब्लिक स्कूल एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की मेहनत के कारण चर्चा में है। इस वर्ष विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

विद्यालय के संचालक संतोष गुप्ता एवं प्रिंसिपल अमन विदुआ के कुशल मार्गदर्शन में छात्रों ने अनुशासन और परिश्रम का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया*। विशेष रूप से कक्षा 5वीं की क्लास टीचर वैदेही दागी के प्रयासों की सराहना की जा रही है, जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

इसी अवसर पर गौ सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी के पुत्र धैर्य तिवारी ने भी अच्छे अंकों के साथ सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि पर दीपक तिवारी ने सभी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य ही सफलता की कुंजी हैं।

उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता अवश्य मिलती है*। उन्होंने अर्जुन के लक्ष्य का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार अर्जुन को केवल चिड़िया की आंख दिखाई देती थी, उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

दीपक तिवारी ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “स्कूल केवल एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान का मंदिर है, जहां गुरुजनों द्वारा दिया गया ज्ञान सरस्वती के समान पवित्र होता है*।” उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे गुरुजनों के मार्गदर्शन को समझें और उसे अपने जीवन में अपनाकर सफलता की ओर अग्रसर हों।

उन्होंने आगे कहा कि आज जो लोग देश के उच्च पदों पर हैं—जैसे आईपीएस, डॉक्टर, शिक्षक या प्रधानमंत्री—वे सभी इसी शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़े हैं*। इसलिए हर विद्यार्थी को अपने माता-पिता, गांव, जिले और देश का नाम रोशन करने का संकल्प लेना चाहिए।

इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक ही वह मार्गदर्शक होते हैं*, जो एक सामान्य विद्यार्थी को भी महान बना सकते हैं। उनके मार्गदर्शन से ही विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर पाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे आलस्य को त्यागकर मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं*। यह सफलता न केवल विद्यालय की उपलब्धि है, बल्कि पूरे दिनारा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है

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