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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
दिनारा की पुकार खराब प्याऊ से तड़प रही जनता, जिम्मेदार कब जागेंगे।
दिनारा क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। तापमान आसमान छू रहा है और ऐसे हालात में पानी ही सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। लेकिन विडंबना देखिए—जहां आमजन की प्यास बुझाने के लिए विधायक निधि से जल प्याऊ और फ्रीजर की व्यवस्था की गई थी, वहीं आज वही सुविधा पिछले चार महीनों से खराब पड़ी है। नतीजा यह है कि हजारों लोग रोज़ बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
पुराने थाना दिनारा परिसर में लगाया गया यह प्याऊ कभी राहगीरों और ग्रामीणों के लिए राहत का केंद्र था। क्षेत्रीय विधायक रमेश खटीक द्वारा जनहित में लगवाया गया यह फ्रीजर अब केवल शोपीस बनकर रह गया है। तेज धूप में जब प्यासे लोग वहां पहुंचते हैं, तो उम्मीद से भरी निगाहें मायूस होकर लौट जाती हैं। पानी न मिलने की स्थिति में लोगों की हालत खराब हो रही है, कई बार तो चक्कर और घबराहट जैसी स्थिति भी बन रही है।
दिनारा एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता है। यह इलाका बॉर्डर एंट्री प्वाइंट भी माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग 50,000 लोगों का रोज़ाना आवागमन होता है। ऐसे में एकमात्र जल प्याऊ का खराब होना सीधे तौर पर जनता के जीवन से खिलवाड़ जैसा है।
गौ सेवक और समाजसेवी कल्लू महाराज ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि “भूखे को खाना और प्यासे को पानी देना सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन यहां तो जनता प्यास से तड़प रही है और जिम्मेदार मौन हैं।” उन्होंने मांग की है कि इस फ्रीजर को तुरंत दुरुस्त कराया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।
स्थानीय जनता में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि जनहित की योजनाओं का यही हाल रहा, तो भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। यह केवल एक खराब मशीन नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर चार महीने से खराब पड़े इस प्याऊ की सुध लेने वाला कोई क्यों नहीं? क्या जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस भीषण गर्मी में जनता की पीड़ा को नहीं समझ पा रहे हैं?
दिनारा की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फ्रीजर ठीक नहीं कराया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
*दिनारा की गूंज एक ही है—“फ्रीजर सही करो, जनता को पानी दो*
