गौ माता पर बयान से भड़का आक्रोश असम मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज


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गौ माता पर बयान से भड़का आक्रोश असम मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज

करैरा। असम के मुख्यमंत्री द्वारा गौ माता को लेकर दिए गए कथित बयान के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल बनता नजर आ रहा है। करैरा में भी गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष कल्लू महाराज के नेतृत्व में गौ सेवकों ने कड़ा विरोध जताया है और प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

कल्लू महाराज ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मुख्यमंत्री द्वारा गौ माता के संबंध में आपत्तिजनक बातें कही गई हैं, जिससे गौ भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि गौ माता सनातन धर्म में पूजनीय हैं और उन्हें देवी स्वरूप माना जाता है। ऐसे में इस प्रकार के बयान न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि समाज में असंतोष और आक्रोश को भी जन्म दे रहे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने वाले मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति गौ माता का सम्मान नहीं कर सकता, वह जनता का हित कैसे समझेगा?”

हालांकि, गौ सेवा समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। कल्लू महाराज ने कहा कि वे न तो पुतला दहन करेंगे और न ही किसी प्रकार की अपमानजनक हरकत करेंगे, क्योंकि उनके संस्कार उन्हें कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं देते। लेकिन यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो गौ सेवक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

समिति के सदस्यों—बीरबल लोधी, दिनेश झा, संजू ठाकुर, दीपक तिवारी, दीपक केवट, छोटू पाल, देवेंद्र पाल, मनोज झा, राजू लोधी, जयराम लोधी, रामवीर लोधी, जितेंद्र योगी सहित कई गौ भक्तों ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को अत्यंत संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए।

 अब सबकी नजर केंद्र सरकार पर टिकी है—क्या इस विवाद पर कोई सख्त कदम उठाया जाएगा या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

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