शिवपुरी। बीती रात बदरवास के ग्राम बांसखेड़ा में कम दाम में शराब की पेटी लेकर आ रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष के रिश्तेदार जीतू यादव को शराब ठेकेदार रविंद्र शिवहरे के लोगों ने रोक लिया।

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जितेन जैन जिला शिवपुरी 

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शराब का विवाद: हथियारबंद लोगों ने किया पीछा, घुस आए भाजपा के प्रशिक्षण में 

ठेका बदलने से सस्ते दाम में शराब बेचने वालों पर रखे हैं रविंद्र के लोग नजर

शिवपुरी। बीती रात बदरवास के ग्राम बांसखेड़ा में कम दाम में शराब की पेटी लेकर आ रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष के रिश्तेदार जीतू यादव को शराब ठेकेदार रविंद्र शिवहरे के लोगों ने रोक लिया। 

अभी तक बांसखेड़ी में शराब की दुकान सोना कंपनी की थी, 

नए ठेके में रविंद्र शिवहरे (आयातित  व सिंधियानिष्ठ) को उक्त ग्राम की दुकान मिली है।

सोमा वाला अपना माल सस्ते में बेच रहा है, तो लोग पेटी के हिसाब से ले रहे हैं। 

बीती रात बदरवास मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव का रिश्तेदार जीतू भी बांसखेड़ा की दुकान से एक पेटी शराब लेकर जब आ रहा था, 

रविंद्र शिवहरे के लोगों ने जीतू को रोक लिया। बताते हैं कि सस्ते रेट में शराब लेने की बात पर जब विवाद हुआ,

जीतू वहां से किसी तरह बचकर बदरवास के सिल्वर पैलेस होटल में जा पहुंचा।

शिवहरे के हथियारबंद लोग भी पीछा करते हुए सिल्वर पैलेस में आ गए। 

भाजपा का प्रशिक्षण शिविर, जिसमें शामिल लोगों ने जब हथियारबंद लोगों को देखा, तो उन्होंने दो लोगों को पकड़ लिया।

इस दौरान पुलिस को सूचना दे दी, तो पुलिस उन्हें लेकर बदरवास थाने ले आई। 

जहां से एक आरोपी आकाश गुर्जर निवासी बानमौर मुरैना, भागने में सफल हो गया। 

सुगन यादव नि. ग्राम पहाड़ा थाना तेंदुआ पर मामला दर्ज किया है।

पीछा करने वाले युवकों की गाड़ी में से लाठी डंडे के अलावा देशी पिस्टल एवं एक जिंदा राउंड पिस्टल के चैम्बर में लगा मिला। 

इस मामले में एक आरोपी को भगाने का आरोप पुलिस पर लग रहा है, 

जिसके चलते रात में थाने पर विधायक महेंद्र यादव भी पहुंच गए थे। 

इस पूरे मामले को छिपाते हुए पुलिस ने उक्त पिस्टल चेकिंग के दौरान मिलना बताया। 

बोले एसडीओपी: ठेका बदलने का विवादग्राम बांसखेड़ा में शराब की दुकान अब दूसरे ठेकेदार पर चली गई है, इसलिए पुराना वाला कुछ कम रेट में माल निकाल रहा है। नए ठेकेदार के लोग निगाह लगाकर बैठे हैं।

इसी बात पर विवाद हुआ था। एक आरोपी हाइवे पर भागा, लेकिन वो किसी अन्य वाहन से न टकरा जाए, इसलिए पुलिस पीछा करने में थोड़ी पीछे रह गई।

संजय मिश्रा, एसडीओपी कोलारस

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