जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
शिवपुरी सर्किल जेल में गूंजा गायत्री मंत्रव्य क्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर के तहत आयोजित हुआ ।
शिवपुरी जेल में बंद बंदियों के व्यवहार, आदत और चरित्र में सुधार करके उसे अधिक उन्नत व शुद्ध बनाने के लिए गायत्री परिवार द्वारा हर साल जेल में गायत्री महायज्ञ का आयोजन व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर के तहत किया जाता है।
क्रम में इस बार भी शिवपुरी सर्किल जेल में आज बंदियों का व्यवहार बदलने के लिए गायत्री मंत्र की गूंज सुनाई दी। इस दौरान यज्ञशाला जेल में बंद बंदियों द्वारा खुद तैयार की गई, जहां बंदी भाइयों के साथ बंदी बहनों ने भी पंचकुंडीय यज्ञ में आहुतियां देकर धर्म संस्कार प्राप्त किए। गायत्री महायज्ञ का संचालन विजयलक्ष्मी शर्मा के आध्यात्मिक उद्बोधन व भारतीय संस्कृति की संस्कार परंपरा एवं यज्ञ जीवन शैली के महत्व को रेखांकित करते हुए किया गया। व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डा प्रमोद कुमार खरे, ऋषिवाला गौर, लता शाक्य, कन्हैयालाल ओझा व शंभू दयाल पाठक के संगतिकरण ने यजमानों को मंत्र मुक्त कर बांधे रखा। इस मौके पर सर्किल जेल अधीक्षक आरसी आर्य, जेलर श्रीराम शिरोमणि पांडे व नवागत सह अधीक्षक मिश्रा एवं जेल स्टाफ उपस्थित रहा।
बाक्स
जेल परिवार ने दक्षिणा के रूप में लिए संकल्प
शहर के सर्किल जेल में व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर व्यवहारिक अध्यात्म से व्यक्तित्व परिष्कार कार्यक्रम के समन्वयक डॉ पीके खरे ने अंतिम दिन प्रशिक्षण के सार स्वरूपको समझाया एवं बंदी भाई बहनों तथा जेल परिवार के सभी सदस्यों को यज्ञ की पूर्णाहुति की दक्षिणा के रूप में सत्संकल्प दिलाए गए। इस दौरान बंदियों ने संकल्प लिए कि हम ईश्वर को सर्वव्यापी न्यायकारी मानकर उसके अनुशासन का पालन करेंगे, शरीर को भगवान का मंदिर समझकर इसके आरोग्य की रक्षा करेंगे, विचार संयम, समय संयम अर्थ संयम एवं इंद्रिय संयम का सतत अभ्यास करेंगे। दूसरों के साथ में वह व्यवहार नहीं करेंगे जो हमें अपने दिए पसंद नहीं है। वही हम अपने आप को समाज का अभिन्न अंग मानेंगे एवं सबके हित में अपना हित समझेंगे।
बाक्स
दो सालों से गायत्री परिवार लगा रहा शिविर
गायत्री परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारी व व्यवहारिक आध्यात्मिक से व्यक्तित्व परिष्कार कार्यक्रम के समन्वयक डा प्रमोद कुमार खरे ने बताया कि सर्किल जेल में पिछले दो सालों से मध्य प्रदेश जेल प्रशासन एवं गायत्री परिवार के सहयोग से पूरे प्रदेश के कई जिलों में व्यक्तित्व परिष्कार प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करते चले आ रहे हैं। जेल अधीक्षक आर्य द्वारा प्रदेश की सतना, बड़वानी व उज्जैन सहित शिवपुरी सर्किल जेल में प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन का सार्थक परिणाम यह है कि जेल के बंदी भाई नियमित रूप से जप, मंत्र लेखन व गीता ज्ञान परीक्षा में सहभागिता की। वहीं चैत्र नवरात्र में लघु अनुष्ठान एवं व्रत धारण कर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के आयोजन में एक सैकड़ा से अधिक महिला बंदियों सहित पुरुषों ने यज्ञ कार्यक्रम में भाग लेकर संकल्प लिया।
