चैत्र नवरात्रि पर दिनारा में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम 21 मंदिरों पर झंडा-ध्वज चढ़ाकर विश्व शांति और किसान समृद्धि की कामना

न्यूज़ चाचा का धमाका

समाचार 


चैत्र नवरात्रि पर दिनारा में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम 21 मंदिरों पर झंडा-ध्वज चढ़ाकर विश्व शांति और किसान समृद्धि की कामना

दिनारा।

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर दिनारा क्षेत्र में भक्ति, आस्था और धार्मिक उत्साह का भव्य नजारा देखने को मिला, जब गौ सेवक कल्लू महाराज के नेतृत्व में 21 मंदिरों पर झंडा-ध्वज चढ़ाने के उद्देश्य से विशाल झंडा यात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि विश्व कल्याण, किसान समृद्धि और गौ माता की सेवा के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायक संदेश भी लेकर आया।

झंडा-ध्वज यात्रा का शुभारंभ पिछोर तिराहे स्थित अशोक होटल के समीप श्री 1008 श्री हनुमान मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद यह यात्रा दिनारा क्षेत्र के प्रमुख एवं प्राचीन मंदिरों—मां शीतला माता मंदिर, श्री गिर्राज जी धरण मंदिर, श्री गुप्तेश्वर मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, पूंछ सरकार मंदिर, मां इमली बाई मंदिर, मां शारदा मंदिर, जरगांव सरकार मंदिर सहित कुल 21 मंदिरों तक पहुंची, जहां श्रद्धापूर्वक झंडा-ध्वज चढ़ाए गए।

पूरे आयोजन के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों के बीच श्रद्धालु “जय श्री राम” और “जय माता दी” के जयकारों के साथ भक्ति में लीन नजर आए। यात्रा में शामिल भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, रोहित लोधी, अजय लोधी, विकास राय, संजू ठाकुर, गजेंद्र लोधी, नंदू तिवारी, बीरबल लोधी, संकेत यादव सहित अनेक श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।

गौ सेवक कल्लू महाराज ने बताया कि इस झंडा-ध्वज यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के किसानों की फसलों की रक्षा, विश्व शांति, जनकल्याण और गौ माता की सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि *मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती*” की भावना के साथ यह आयोजन किया गया है, ताकि किसानों को भरपूर पैदावार मिले और गौ माता को पर्याप्त भौसा मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि धर्म की कोई सीमा या संख्या नहीं होती, धर्म सदैव अमर रहता है। जब तक जीवन है, तब तक धर्म और सेवा का यह संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और भारत की अखंडता व सुरक्षा के लिए भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

यह आयोजन दिनारा क्षेत्र में आस्था का केंद्र बन गया, जहां श्रद्धा, एकता और सेवा भावना का अद्भुत समागम देखने को मिला। झंडा-ध्वज यात्रा ने न केवल धार्मिक ऊर्जा का संचार किया, बल्कि समाज को एकजुट होकर जनकल्याण और राष्ट्रहित में कार्य करने का प्रेरक संदेश भी दिया।

निस्संदेह, चैत्र नवरात्रि पर आयोजित यह भव्य धार्मिक यात्रा दिनारा क्षेत्र के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गई, जिसने भक्ति, सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने