ईरान-अमेरिका दुश्मनी: क्या है वजह? अंतरराष्ट्रीय संबंधों का विश्लेषण Iran's Role Middle East

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ईरान-अमेरिका दुश्मनी: क्या है वजह? अंतरराष्ट्रीय संबंधों का विश्लेषण Iran's Role Middle East

तेहरान में, चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में ईरान की भूमिका और अमेरिका के साथ उसके जटिल संबंधों पर गहराई से विचार किया जा रहा है।

ईरान का हिजबुल्ला, हमास और हूती जैसे समूहों को समर्थन देना, मिसाइल हमले, और इजरायल को धमकी देना, ये सभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बने हुए हैं।

सवाल यह है कि ईरान को इन समूहों का समर्थन करने और अमेरिका के खिलाफ खड़े होने से क्या हासिल होता है।

एक समय था जब अमेरिका और ईरान अच्छे दोस्त और व्यापारिक भागीदार थे, लेकिन आज उनके रिश्ते इतने बिगड़ गए हैं कि अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाकर उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है।

फिर भी, ईरान अमेरिका के खिलाफ अपनी स्थिति पर कायम है।

1979 की ईरानी क्रांति के दौरान 4 नवंबर, 1979 को तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ, जिसमें 66 लोगों को बंधक बना लिया गया।

छात्रों ने बंधकों की रिहाई के बदले अमेरिका से शाह को वापस करने की मांग की, जो उस समय ईरान से भागकर अमेरिका में शरण लिए हुए थे।

अमेरिका ने शाह को वापस करने से इनकार कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए।

यह घटना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने विश्व राजनीति में ईरान और अमेरिका के संबंधों को हमेशा के लिए बदल दिया।

  • ईरान हिजबुल्ला, हमास, हूती का समर्थन करता है, इजरायल को धमकाता है।
  • 1979 में अमेरिकी दूतावास पर हमले से दोनों देशों के संबंध बिगड़े।
  • अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।

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Posted on 24 February 2026 | Stay updated with चाचा का धमाका.com for more news.

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