एजुकेशन सिस्टम छात्रों की असली प्रतिभा को खत्म कर रहा है

न्यूज चाचा का धमाका 


जीतेन्द जैन

समाचार 

एजुकेशन सिस्टम छात्रों की असली प्रतिभा को खत्म कर रहा है?

हाल ही में राघव चड्ढा ने हमारे देश के शिक्षा सिस्टम पर एक गंभीर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि आज का शिक्षा सिस्टम छात्रों को केवल अंक (Marks) लाने की मशीन बना रहा है, न कि उन्हें जीवन के लिए तैयार कर रहा है।

आज के छात्र दिन-रात सिर्फ रटने में लगे रहते हैं, क्योंकि उन्हें सिखाया जाता है कि अच्छे नंबर ही सफलता की कुंजी हैं। लेकिन क्या सिर्फ नंबर ही असली योग्यता का प्रमाण हैं?

सच्चाई यह है कि

 शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा पास करना नहीं होना चाहिए। 

शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए कि छात्र सोचने, समझने और नई चीज़ें बनाने की क्षमता विकसित करें।

 आज उद्योगों (Industries) और कंपनियों को ऐसे युवाओं की जरूरत है जिनके पास व्यावहारिक कौशल (Practical Skills), क्रिएटिविटी और समस्या सुलझाने की क्षमता हो।

लेकिन हमारा वर्तमान सिस्टम

रटने पर जोर देता है

क्रिएटिव सोच को दबाता है

और छात्रों की असली प्रतिभा को सामने आने का मौका नहीं देता

अगर हमें देश का भविष्य मजबूत बनाना है, तो हमें शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना होगा।

 छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए

उन्हें नई तकनीक, व्यावहारिक ज्ञान और जीवन कौशल सिखाने चाहिएशि

क्षा ऐसी होनी चाहिए जो उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाए

शिक्षा का असली उद्देश्य नंबर नहीं, बल्कि क्षमता, समझ और आत्मनिर्भरता होना चाहिए।

आपका इस विषय पर क्या विचार है? क्या आपको भी लगता है कि हमारे शिक्षा सिस्टम में बदलाव जरूरी है? अपनी राय जरूर दें

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