News चाचा का धमाका
समाचार
सरकारी नौकरी सिर्फ कुछ लोगों को मिलती है
लेकिन परीक्षा फॉर्म और फीस करोड़ों युवाओं से वसूली जाती है। अगर सरकार सभी को रोजगार नहीं दे सकती,
बेरोजगार युवाओं की फीस वापस नहीं होनी चाहिए?
क्या छात्रों के पैसों से व्यवस्था चलाना सही है?
क्या युवाओं के भविष्य के साथ यह न्याय है?
आज लाखों विद्यार्थी दिन-रात मेहनत करते हैं, परिवार उम्मीद लगाकर बैठा होता है, लेकिन नौकरी सिर्फ गिने-चुने लोगों को मिलती है। ऐसे में युवाओं की मेहनत, समय और पैसे का क्या?
