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हार्दिक हुंडिया का ये लेख एक एक भारतवासीओ की आँख खोल देगा ,
देश का भविष्य देखता हूँ तो नींद उड़ जाती है , कहा जा रहा है मेरा देश ? जरा आप भी सोचो : हार्दिक हुंडिया*
कोई महाराणा प्रताप बनके अपनी भूमिका निभा रहे है तो आप भामाशाह जरूर बनना* या फिर क्या होगा ? इस का जवाब ये लेख में पढ़कर सावधान तो हो ही जाना , वरना ???
भगवान ऋषभ देव भगवान के पुत्र भरत महाराज के नाम से देश का नाम भारत रखा गया । भविष्य खूब उजला उजला उजला अत्यंत उजला था । लेकिन जैन धर्म के अनुआईओ को देश के प्रति समर्पण , सत्कार और विकाश की भावना जो देश को छोड़ के अब ख़ुद के प्रति हो गई । टैक्स भरना है , लेकिन गई गुना ज़्यादा कमाके ! स्वार्थ की भूमिका ने बहुत बड़ा नुकशान कर दिया । सब से ज़्यादा टैक्स भरने वाले का आज अस्तित्व क्या है ? हार्दिक हुंडिया का ये सवाल के साथ कहना है की समाज को हमेशा कुछ ना कुछ देने वाले का , आज ख़ुद का स्थान कहा है ? जरा सोचो । गर्व के साथ कहता हूँ की भामाशाह हमारे आदर्श थे, प्रेरणा थे । महाराणा प्रताप दिखे नहीं की भामासा तैयार थे । हार्दिक हुंडिया का कहना है की आज परिस्थिति पूरी अलग है । कोई देश के लिये , यदि कोई लड़ता है , वो भी हम सभी की सलामती के लिए लड़ता है , तब सिर्फ हम दो शब्द मीठे बोल देते है , लेकिन हमारी भलाई के लिए लड़ने वाले को कुछ हो जाता है तो हम भामाशाह ना बन के महा स्वार्थी बन जाते है और मुंह से निकल जाता है की किसने कहा था की उनके खिलाफ बोलना ? ऐसे स्वार्थी लोग पर , जब ख़ुद पर बीतेगी तब मालूम पड़ेगा की जो हमारे लिए, हमारी रक्षा के लिए लड़ता था वो हमारा रक्षक था ! लेकिन आप को जब ये बात मालूम पड़ेगी तब ऐसा ना हो की आप ने सिर्फ़ कमाने में ही ध्यान रखा था , जो ना आप भुगत सके ना आपका परिवार ? आप का सब कुछ चला जायेगा, कोई और के पास चला जाएगा , तब आप क्या करोगे ? आप सिर्फ़ दो मिनिट का समय निकालकर सोचो की आप का भविष्य क्या होगा ? कितना बड़ा देश था मेरा भारत ? और आज ??? परिस्थिति और भी ख़राब आये उसके पहले सम्हल जाओ वरना आप सोच भी नहीं सकते की आप का हाल कहीं बंगला देश से भी ज़्यादा ख़राब ना हो जाये? ओ जैन धर्म के अनुआइओ , सिर्फ़ पैसा कमाने के चक्कर में कई भविष्य तो अंधकारमय नहीं बना रहे हो ? आप का कमाया हुआ और कोई खा जायेगा , जो आप सोच भी नहीं सकते ? भारत पाकिस्तान का जब दो भाग हुया तब किस पोजिशन में भारतीय भाईओ को भाग के आना पड़ा था ? वो परिस्थिति को याद करो ? जो भी कमाया हुया था सब छोड़ के आना पड़ा ? यदि हम ऐसी परिस्थिति वापस लाना ना चाहते हो तो अब भामाशाह बनने का समय आ गया है , अब महाराणा प्रताप को हमे जन्म देना होगा ? हमे देखना है की कौन हमारे देश के लिए लड़ रहा है ? जो लड़ रहा है उनको कोई भी तकलीफ़ ना हो वो अब हमे देखना है । देश की सरहद से ज़्यादा ध्यान अब देश के अंदर भी देना होगा । हमारे नव जवान हमारी रक्षा ख़ुद की जान देकर भी कर रहे है सिर्फ़ हमारा जीवन खुश रहे लेकिन अब की परिस्थिति को ध्यान में रखकर अब हमे समजदार बनना होगा । *हार्दिक हुंडिया ने कहा है की लोकशाही देश की लोकशाही सलामत रखने के लिए हमे देश प्रेमी नेताओ को साथ देना होगा* । देश की जितनी चिंता सरहद पर बैठे हमारे नव जवान दुश्मनों पर नजर रख रहे है , वो दुश्मन की ताकत नहीं है की हमारे देश की तरफ़ नजर ऊँची करके भी देखा तो ? उनको पता है की भारत के सैन्य के सामने हमले की कोशिश करना मतलब मौत को बुलावा देना । *हम ऋणी है हमारी रक्षा करने वाले हमारे माँ भारत के संतानों के*। अब माँ भारत के ओ संतानों, जो देश में बैठे है वो सतर्क हो जाओ , जाग जाओ , सावधान हो जाओ । कमाया हुया धन देश के काम ना आया तो वो धन किस काम का ? माँ भारत की पवित्र धरती पर स्थान मिला तो वो भारत माता की रक्षा करने वाले को तन, मन और धन से साथ ना दिया तो सोचो आगे की परिस्थिति हमारी क्या होगी ?
*देश की पहली हमारी भारतीय जन कल्याण पार्टी जो जन जन का कल्याण के साथ अबोल जीवो की रक्षा के उच्च भाव के साथ हम निकले है । सुशासन की राज नीति करना हमारा मुख्य उद्देश्य है । देश की कोई भी पार्टी का जो भी उम्मीदवार की भावना जन जन का कल्याण हो अबोल जीवो की रक्षा हो उनको हमारा समर्थन है । हम उनके साथ है* । हार्दिक हुंडिया की देश के तमाम भारत वासियों से बिनती है की *आप के समाज के समजदार महानुभाव जो सुशासन की राज नीति करना चाहता है तो उनको तन, मन और धन से मदद करो उनको राज नीति में लाओ* देश की आज की परिस्थिति देखकर ऐसा लगता है की अब जाग जाओ , सावधान हो जाओ । सब कुछ संभालना है तो सिर्फ़ अंगुली पे गिने जाये इतने लोगो को देश की राज नीति में आगे लाओ , कोई महाराणा प्रताप दिखता है तो आप भामाशाह की भूमिका निभाने में देर मत करना । *हार्दिक हुंडिया की फिर से आप को दो हाथ जोड़ के बिनती है की आज की देश की परिस्थिति के बारे में सोचना , शायद आप की नींद खुल जायेंगीं । यदि आप चाहते हो की देश हमारा था , है और रहेगा तो भारत माता के संतान बन के माँ भारती के बच्चे का कर्तव्य निभाये ये ही उच्च भावनाओ के साथ*
हार्दिक हुँडिया - राष्ट्रीय अध्यक्ष ,
भारतीय जन कल्याण पार्टी ।