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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
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कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी में राष्ट्रीय पोषण माह का समापन; पोषण सुरक्षा एवं मोटे अनाज पर दिए गए व्याख्यान।
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कृषकों, महिलाओं व विद्यार्थियों को दी गई पोषण वाटिका, सहजन पत्ती पाउडर*समाचार।
कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी में राष्ट्रीय पोषण माह का समापन; पोषण सुरक्षा एवं मोटे अनाज पर दिए गए व्याख्यान।
कृषकों, महिलाओं व विद्यार्थियों को दी गई पोषण वाटिका, सहजन पत्ती पाउडर एवं श्री अन्न के महत्व की जानकारी।
शिवपुरी, 09 अक्टूबर 2026/ कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी में 09 सितम्बर 2026 से 08 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। केन्द्र के प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार के निर्देशन में महीने भर चले इस अभियान के अंतर्गत कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों, कृषक महिलाओं, आमजनों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं को पोषण सुरक्षा, पोषण वाटिका, पोषण थाली, सहजन (ड्रमस्टिक) की पत्ती के पाउडर एवं श्री अन्न (मोटे अनाज) के उपयोग के संबंध में विस्तृत व्याख्यान व प्रशिक्षण दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्र की वैज्ञानिक डॉ. सुरूचि सोनी (गृह एवं खाद्य विज्ञान) ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश से कुपोषण को जड़ से समाप्त करना और स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि 0 से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरी बालिकाओं को कुपोषण से बचाने के लिए केवल पेट भरने पर नहीं, बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर आहार पर ध्यान देना चाहिए। भोजन में दालें, स्थानीय फल, हरी सब्जियां और श्री अन्न (मोटे अनाज) को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।
पोषण माह के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों और कार्यक्रमों में लगभग 250 लोगों ने सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान प्रतिभागियों को गृह स्तर पर पोषण वाटिका तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध भोज्य पदार्थों से पौष्टिक आहार बनाने के तरीके व्यावहारिक रूप से समझाए गए।
महीने भर चले इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों- डॉ. मुकेश कुमार भार्गव वरिष्ठ वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान), डॉ. प्रशान्त कुमार गुप्ता वरिष्ठ वैज्ञानिक (उद्यानिकी), डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह वैज्ञानिक (पादप प्रजनन), डॉ. लक्ष्मी वैज्ञानिक (मत्स्य) एवं डॉ. नीरज कुमार कुशवाह तकनीकी अधिकारी (कृषिवानिकी) की प्रमुख भूमिका और सहभागिता रही।

