विधानसभा शिवपुरी में ककरवाया में नर्सिंग कॉलेज के नाम से मिली परमीशन पर मुरम का काला कारोबार चरम पर ।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी

समाचार 

विधानसभा शिवपुरी में ककरवाया में नर्सिंग कॉलेज के नाम से मिली परमीशन पर मुरम का काला कारोबार चरम पर ।


हर दिन लगभग 150 डंपर भर रहीं दो पोकलेन, राजनीतिक रसूख व प्रशासन की सांठगांठ से चल रहा कारोबार, नर्सिंग कॉलेज पहले से तैयार 

शिवपुरी। जिले में इन दिनों मुरम के अवैध उत्खनन व परिवहन का खेल चरम पर चल रहा है। ककरवाया में मौजूद मुरम के गड्ढे को खोदने की परमीशन नर्सिंग कॉलेज (मेडिकल कॉलेज) के भराव के नाम पर मिली है, जबकि नर्सिंग कॉलेज बनकर ही तैयार हो चुका है। इस परमीशन की आड में पूरे जिले में मुरम की सप्लाई की जा रही है। मुरम के इस काले कारोबार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां से हर दिन दो पोकलेन मशीन 150 से अधिक डंपर मुरम के भर रही हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरा खेल राजनीतिक रसूख एवं वरिष्ठ प्रशासनिक संरक्षण में खेला जा रहा है, जिसमें माइनिंग भी बेबस सा नजर आ रहा है। 

ऐसे समझें मुरम के अवैध कारोबार का खेल: 

ककरवाया में मुरम का खजाना है। इस खदान से पहले सीएम राइज एवं उसके बाद नर्सिंग कॉलेज में भराव के नाम पर प्रशासनिक परमीशन ली गई। नियमानुसार खदान से सीमित मात्रा में मुरम का उत्खनन करके नर्सिंग कॉलेज में डालना चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में मुरम के डंपर पूरे जिले में प्राइवेट कार्यों में मुरम की सप्लाई कर रहे हैं। 

वीडियो में लोकेशन रायचंदखेड़ी: 

इस खेल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मुरम से भरा डंपर रायचंदखेड़ी में खाली हो रहा है, जबकि उस नम्बर के डंपर की रायल्टी में नर्सिंग कॉलेज के नाम से काटी गई है। यह तो महज उदाहरण है, जबकि रॉयल्टी में तो ग्वालियर के समरीखुर्द सहित अन्य स्थलों के नाम पर भी काटी जा रही है। 

इन स्थानों पर कर लें जांच तो खुल जाएगा खेल: 

मुरम का उपयोग अधिकांशतः भराव करने के लिए किया जाता है। यदि प्रशासन हाइवे पर पड़ौरा पर गुरुद्वारे के पास बन रहे गाड़ियों के शोरूम, बालाजी धाम के पीछे काटी जा रही कॉलोनी में डाली जा रही मुरम की रॉयल्टी मांग ले तो यह पूरा खेल ओपन हो जाएगा। बड़ा सवाल यह है कि ऐसा तभी होगा, जब प्रशासन ईमानदारी से जांच करवाएगा, लेकिन जब चौकीदार ही सांठगांठ में शामिल हो तो चोरी कौन रोकेगा..?।

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