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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
शिवपुरी जनसुनवाई में इलाज, रोजगार और पंचायत मै भ्रष्टाचार की समस्याएं गूंजीं
शिवपुरी में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे लोगों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। किसी ने माता-पिता के इलाज के लिए बैंक में जमा राशि दिलाने की मांग की तो किसी ने दीपावली तक ठेला लगाने की अनुमति मांगी। वहीं पोहरी के सांपरवाड़ा गांव के ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।
माता-पिता के इलाज के लिए 10 लाख रुपए की मांग।
उदयपुर से आई हर्षिता जोशी ने अपने माता-पिता युगल कुमार जोशी और मधु जोशी की ओर से आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शिवपुरी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में दोनों का संयुक्त खाता है, जिसमें राशि जमा है। परिवार का कहना है कि खाते से उन्हें फिलहाल एक सप्ताह में केवल 1 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
हर्षिता के अनुसार 72 वर्षीय युगल कुमार जोशी पिछले चार वर्षों से उदयपुर में किडनी की बीमारी का इलाज और डायलिसिस करा रहे हैं। लगातार इलाज में बड़ी राशि खर्च हो रही है। ऐसे में उन्होंने खाते में जमा राशि में से 10 लाख रुपए एकमुश्त दिलाए जाने की मांग की है।
दीपावली तक ठेला लगाने की अनुमति की मांग।
टेकरी रोड स्थित गर्ल्स स्कूल के पास कपड़े बेचने वाले दुकानदार भी जनसुनवाई में पहुंचे। दुकानदारों ने बताया कि वे कई वर्षों से ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। करीब सात साल पहले प्रशासन द्वारा उन्हें वर्तमान स्थान पर ठेला लगाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब उन्हें वहां से हटाया जा रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि दीपावली के त्योहार को देखते हुए उन्होंने कर्ज लेकर कपड़ों का माल खरीदा है। यदि उन्हें तत्काल हटा दिया गया तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से दीपावली तक करीब दो महीने के लिए ठेला या टेबल लगाकर व्यापार करने की अनुमति देने की मांग की।
सांपरवाड़ा पंचायत में विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप।
पोहरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सांपरवाड़ा के ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने सरपंच मिथलेश धाकड़ और सचिव रामभरत धाकड़ पर सरकारी राशि निकाले जाने के बाद भी कई निर्माण कार्य पूरे नहीं कराने के आरोप लगाए।
ग्रामीणों ने पंचायत भवन, अधूरे रास्ते, नालियों, बिजली और पेयजल से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास कार्यों के लिए राशि खर्च होने के बावजूद कई जगह धरातल पर काम अधूरे हैं। उन्होंने पंचायत के कार्यों और खर्च की जांच कराने तथा जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जनसुनवाई में आई शिकायतों के बाद अब संबंधित विभागों द्वारा इन मामलों की जांच और निराकरण की प्रक्रिया किए जाने की उम्मीद है।
