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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
भंवर सिंह धाकड़ जी, उम्र और पद का लिहाज भूल गए या संस्कार ही यही हैं?
शिवपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में 27% OBC आरक्षण के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन के दौरान जो हुआ,
एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से सवाल-जवाब या असहमत होना आम बात है,
बहस के दौरान जिस भाषा और लहजे का इस्तेमाल किया गया,
वह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
ओबीसी महासभा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवर सिंह धाकड़ ने विधायक देवेंद्र जैन के साथ बातचीत के दौरान सारी मर्यादाएं ताक पर रख दीं। जब बातचीत के दौरान बात थोड़ी तीखी हुई और विधायक ने तंज कसते हुए कहा— "तो क्या मैं गधा हूं?", तो भंवर सिंह जी ने बिना एक पल सोचे सीधे तपाक से बोल दियाहां, आप गधे हो!"
भंवर सिंह जी, विधायक देवेंद्र जैन उम्र में आपके पिता की उम्र के हैं। क्या आप अपने घर में या समाज के किसी बुजुर्ग और पिता तुल्य व्यक्ति से कभी ऐसी अभद्र भाषा में बात करते हैं? जनता के बीच जनप्रतिनिधि या एक बड़े संगठन के नेता होने के नाते आपकी जवाबदेही तय होती है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि आप बड़ों का सम्मान करना भूल जाएं।
सवाल-जवाब और वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवाद की भाषा हमेशा मर्यादित होनी चाहिए—चाहे सामने वाला छोटा हो या बड़ा। आपकी इस ओछी और अमर्यादित भाषा शैली ने साफ दिखा दिया है कि आपके संस्कार किस स्तर के हैं। सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की भाषा का प्रयोग न सिर्फ उस पद की गरिमा को गिराता है, बल्कि यह भी बताता है कि आप युवाओं को क्या संदेश दे रहे हैं।
