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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
कुशवाहा मोहल्ला पुरानी शिवपुरी में 21 वर्षों से सज रहा मां काली का दरबार, श्रद्धालुओं की अटूट आस्था।
शिवपुरी। शहर के पुरानी शिवपुरी स्थित कुशवाहा मोहल्ले में मां काली का दरबार पिछले 21 वर्षों से निरंतर लगाया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा ने क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का विशेष स्थान बनाया है।
मां काली के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता रानी से सुख, शांति, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच मां काली के दरबार को लेकर गहरी आस्था है। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से माता रानी की आराधना करने और उनके चरणों में प्रार्थना करने से मन को शांति मिलती है तथा जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है। श्रद्धालु अपनी परेशानियों और दुख-दर्द से मुक्ति की कामना लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं।
21 वर्षों से निभाई जा रही धार्मिक परंपरा
कुशवाहा मोहल्ले में मां काली का दरबार 21 वर्षों से लगाया जाना क्षेत्र की धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इतने लंबे समय से इस आयोजन का जारी रहना माता रानी के प्रति लोगों की श्रद्धा को दर्शाता है। स्थानीय स्तर पर यह दरबार धार्मिक विश्वास के साथ-साथ लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और भक्ति भाव के साथ समय बिताने का अवसर भी प्रदान करता है।
मां काली की पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालु माता रानी का स्मरण करते हुए अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। भक्तों के लिए यह दरबार केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और मानसिक शांति का केंद्र भी है।
माता रानी के जयकारों से गूंजता है दरबार
मां काली के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास इस धार्मिक आयोजन की विशेष पहचान है। भक्त माता रानी के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बनाते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। लोगों का मानना है कि माता के दरबार में पहुंचकर उन्हें सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
पुरानी शिवपुरी के कुशवाहा मोहल्ले में 21 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश देती है। मां काली के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भक्ति इस दरबार को क्षेत्र में विशेष पहचान प्रदान करती है।
जय मां काली!
