जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी समाचार *कोलारस मंडी में करोड़ों के टैक्स की चोरी, किसान बेहाल - सुविधाएं सिर्फ कागजों पर* कोलारस - कृषि उपज मंडी समिति कोलारस इन दिनों भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुकी है। यहां लाखों-करोड़ों रुपये का मंडी टैक्स चोरी कर सीधे निजी दुकानों, गोदामों और वेयरहाउस में किसानों के नाम पर रखा गया जींस भर दिया गया है। मंडी के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से ये पूरा खेल चल रहा है। *टैक्स चोरी का बड़ा खेल* किसान की फसल मंडी में आती ही नहीं है। सीधे हाईवे से लेकर नगर के अंदर सैकड़ों अवैध फड़ खुल जाते हैं। ये फड़ मंडी कर्मचारियों की मिलीभगत से चलते हैं। किसान को वहीं लूट लिया जाता है और सरकारी खजाने में एक रुपया टैक्स जमा नहीं होता। हजारों लाखों रुपये का टैक्स सीधे इन कर्मचारियों और अवैध व्यापारियों की जेब में जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि कोलारस नगर में बने इन सभी निजी दुकानों, गोदामों और वेयरहाउस पर छापा मार कार्रवाई करे और जांचे कि ये जींस कहां से आया, किसका है और इसका मंडी टैक्स भरा गया है या नहीं। *मंडी की सुविधाएं - सिर्फ दिखावा* कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए जो सुविधाएं बताई जाती हैं, वो सब सिर्फ दिखावा हैं। 1. *रेस्ट हाउस बना शराब अड्डा:* सरकार ने बाहर से आने वाले किसानों के लिए रेस्ट हाउस बनाया था, ताकि वे रात में रुक सकें। आज वो रेस्ट हाउस कर्मचारियों का शराब अड्डा बन गया है। किसान बेचारा बाहर ठंड में या ट्रैक्टर ट्रॉली में सोने को मजबूर है। 2. *भोजन व्यवस्था फेल:* किसानों के लिए कूपन से भोजन व्यवस्था का दावा किया जाता है, लेकिन वो व्यवस्था पूरी तरह विफल है। 3. *कैंटीन का ठेका नहीं:* पिछले कई वर्षों से मंडी के अंदर स्थित कैंटीन का ठेका ही कर्मचारियों ने नहीं किया है। इसका सीधा नुकसान बाहर से आए किसानों को भुगतना पड़ता है। उन्हें भूखा रहना पड़ता है या बाहर महंगे होटलों में खाना पड़ता है। *किसान जाए तो जाए कहाँ?* आज कोलारस का किसान सबसे ज्यादा परेशान है। अपनी समस्या किसे कहे? मंडी समिति के अधिकारी-कर्मचारी खुद इस लूट में शामिल हैं। स्थानीय अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधकर अन्नदाता को लुटता-पिटता देख रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। *मांग -* - कोलारस के सभी निजी गोदाम, वेयरहाउस, दुकानों पर SIT बनाकर छापा मार कार्रवाई हो। - मंडी के रेस्ट हाउस और कैंटीन की जांच हो। - मंडी टैक्स चोरी करने वाले अधिकारियों पर FIR हो। अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होगा। *- विनोद शर्मा, कोलारस की कलम से - अन्नदाता की आवाज*


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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

विधानसभा कोलारस मंडी में करोड़ों के टैक्स की चोरी, किसान बेहाल - सुविधाएं सिर्फ कागजों पर।

कोलारस - कृषि उपज मंडी समिति कोलारस इन दिनों भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुकी है। यहां लाखों-करोड़ों रुपये का मंडी टैक्स चोरी कर सीधे निजी दुकानों, गोदामों और वेयरहाउस में किसानों के नाम पर रखा गया जींस भर दिया गया है। मंडी के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से ये पूरा खेल चल रहा है।

टैक्स चोरी का बड़ा खेल

किसान की फसल मंडी में आती ही नहीं है। सीधे हाईवे से लेकर नगर के अंदर सैकड़ों अवैध फड़ खुल जाते हैं। ये फड़ मंडी कर्मचारियों की मिलीभगत से चलते हैं। किसान को वहीं लूट लिया जाता है और सरकारी खजाने में एक रुपया टैक्स जमा नहीं होता। हजारों लाखों रुपये का टैक्स सीधे इन कर्मचारियों और अवैध व्यापारियों की जेब में जा रहा है।

प्रशासन को चाहिए कि कोलारस नगर में बने इन सभी निजी दुकानों, गोदामों और वेयरहाउस पर छापा मार कार्रवाई करे और जांचे कि ये जींस कहां से आया, किसका है और इसका मंडी टैक्स भरा गया है या नहीं।

मंडी की सुविधाएं  

सिर्फ दिखावा

कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए जो सुविधाएं बताई जाती हैं, वो सब सिर्फ दिखावा हैं।

रेस्ट हाउस बना शराब अड्डा

सरकार ने बाहर से आने वाले किसानों के लिए रेस्ट हाउस बनाया था, ताकि वे रात में रुक सकें। आज वो रेस्ट हाउस कर्मचारियों का शराब अड्डा बन गया है। किसान बेचारा बाहर ठंड में या ट्रैक्टर ट्रॉली में सोने को मजबूर है।

भोजन व्यवस्था फेल

किसानों के लिए कूपन से भोजन व्यवस्था का दावा किया जाता है, लेकिन वो व्यवस्था पूरी तरह विफल है।

कैंटीन का ठेका नहीं

पिछले कई वर्षों से मंडी के अंदर स्थित कैंटीन का ठेका ही कर्मचारियों ने नहीं किया है। इसका सीधा नुकसान बाहर से आए किसानों को भुगतना पड़ता है। उन्हें भूखा रहना पड़ता है या बाहर महंगे होटलों में खाना पड़ता है।

किसान जाए तो जाए कहाँ

आज कोलारस का किसान सबसे ज्यादा परेशान है। अपनी समस्या किसे कहे? मंडी समिति के अधिकारी-कर्मचारी खुद इस लूट में शामिल हैं। स्थानीय अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधकर अन्नदाता को लुटता-पिटता देख रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।

मांग 

कोलारस के सभी निजी गोदाम, वेयरहाउस, दुकानों पर SIT बनाकर छापा मार कार्रवाई हो।

मंडी के रेस्ट हाउस और कैंटीन की जांच हो।

 मंडी टैक्स चोरी करने वाले अधिकारियों पर FIR हो।

अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

विनोद शर्मा, कोलारस की कलम से - अन्नदाता की आवाज*

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