शिवपुरी जिले के विकासखंड कोलारस स्थित ग्राम सेसई सड़क के निवासी मुकुल लखेरा की कहानी आज ग्रामीण युवाओं के लिए स्वावलंबन और लगन की एक नई मिसाल बनकर उभरी है।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

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स्वावलंबन से समृद्धि: मुकुल लखेरा की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' से युवा मुकुल लखेरा ने स्थापित किया नया व्यवसाय।

शिवपुरी, 12 सितम्बर 2026

शिवपुरी जिले के विकासखंड कोलारस स्थित ग्राम सेसई सड़क के निवासी मुकुल लखेरा की कहानी आज ग्रामीण युवाओं के लिए स्वावलंबन और लगन की एक नई मिसाल बनकर उभरी है। 


मुकुल पूर्व में अपने गाँव में ही मोबाइल रिपेयरिंग का कार्य किया करते थे। यद्यपि इस काम से उनके दैनिक जीवन की जरूरतें पूरी हो रही थीं, लेकिन उनके मन में अपने कार्य को विस्तार देने और साथ ही एक नया व्यवसाय स्थापित करने का सपना था। वे केवल एक काम तक सीमित न रहकर अपनी आय बढ़ाना चाहते थे और गाँव के अन्य बेरोजगार युवाओं के लिए भी अवसर सृजित करने की सोच रखते थे।  

उद्योग विभाग और योजना से मिला वित्तीय संबल।

व्यापार के विस्तार के लिए पूंजी की आवश्यकता थी, जो एक साधारण पृष्ठभूमि के युवा के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान उन्हें मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' की जानकारी प्राप्त हुई। बिना समय गंवाए मुकुल ने योजना के अंतर्गत 1 लाख रुपये के स्वरोजगार ऋण के लिए आवेदन करने का मन बनाया ताकि वे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें।  

उद्योग विभाग का मार्गदर्शन और बैंक का सहयोग।

उद्योग विभाग के अधिकारियों के उचित मार्गदर्शन और सहयोग से मुकुल का आवेदन तैयार हुआ और उनका प्रकरण मध्यांचल ग्रामीण बैंक की शाखा को प्रेषित किया गया। शासकीय प्रक्रिया की सहजता, उद्योग विभाग के मार्गदर्शन और बैंक अधिकारियों के सहयोग से उन्हें ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का स्वरोजगार ऋण आसानी से स्वीकृत हो गया, जिससे उनके नए व्यवसाय की राह आसान हो गई।  

मोबाइल रिपेयरिंग के साथ किराना स्टोर की दोहरी सफलता

ऋण की राशि स्वीकृत होते ही मुकुल ने अपने मूल कार्य मोबाइल रिपेयरिंग के साथ-साथ गाँव में ही एक नया किराना स्टोर भी खोल लिया। अब वे मोबाइल रिपेयरिंग का काम जारी रखने के साथ-साथ किराना दुकान का भी सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। इस दोहरे व्यवसाय से मुकुल के जीवन की दिशा पूरी तरह बदल गई और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।  

खुद के साथ दूसरों के लिए बने सहारा।

इस नए किराना स्टोर के माध्यम से मुकुल खुद तो आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने ही, साथ ही उन्होंने अपनी दुकान पर गाँव के ही एक अन्य स्थानीय युवक को काम पर रखकर उसे भी आजीविका प्रदान की। इस प्रकार मुकुल महज एक योजना के हितग्राही से बढ़कर स्वयं एक 'रोजगार प्रदाता' की भूमिका में आ गए। वे भविष्य में भी अपने इस व्यवसाय को और अधिक विस्तृत करने का संकल्प रखते हैं ताकि आगे चलकर गाँव के कई और युवाओं को अपने व्यापार से जोड़ सकें।  

सफलता की सीख और शासन के प्रति धन्यवाद।

अपनी इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए मुकुल ने जनकल्याणकारी 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' के लिए प्रधानमंत्री जी और  मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया। मुकुल की यह सफलता यह साबित करती है कि यदि युवाओं में हुनर और जज्बा हो, तो शासन की योजनाएं उन्हें सफलता के नए शिखरों तक पहुँचा सकती हैं।

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