मायापुर थाना क्षेत्र के महरौली गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत ने प्रेम-प्रसंग के एक पुराने विवाद को फिर से जिंदा कर दिया है

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 


समाचार 

स्वजनों ने की मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी पर एफआइआर दर्ज करने की मांग। 

मायापुर थाना क्षेत्र के महरौली गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत ने प्रेम-प्रसंग के एक पुराने विवाद को फिर से जिंदा कर दिया है। 

30 वर्षीय अरविंद वंशकार की रविवार देर रात मौत हो गई। परिजनों ने उसकी पत्नी के पूर्व प्रेमी पर जबरन जहर खिलाकर हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। 

मृतक के स्वजनों ने उसकी पत्नी व प्रेमी पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। 

मेडिकल कालेज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मेडिकल कालेज चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। 

पुलिस का कहना है कि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

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क्या है पूरा मामला?

मृतक के पिता राय सिंह वंशकार के अनुसार, यह विवाद करीब एक साल पुराना है। 

अरविंद की पत्नी सपना का गांव के ही युवक बृजेश पुरी गोस्वामी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 

तीन महीने पहले बृजेश अपने साथ सपना को भगा कर ले गया था, तब सपना अपने तीन बच्चों को घर पर ही छोड़ गई थी। 

इस मामले में स्वजनों ने मायापुर थाने में शिकायत भी की थी। बाद में सपना वापस लौट आई। 

तब गांव में पंचायत हुई और दोनों पक्षों में इस बात पर समझौता हो गया कि भविष्य में बृजेश और सपना का कोई संबंध नहीं रहेगा। मामला कुछ दिन शांत भी रहा।

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रविवार को थाने में दर्ज कराई शिकायत

स्वजनों का आरोप है कि कुछ दिनों से बृजेश फिर से अरविंद को धमका रहा था। 

रविवार को ही बृजेश ने अरविंद की मुर्गे की दुकान से गंदगी फेंकने की शिकायत पुलिस से की थी। 

इसके बाद पुलिस सुबह अरविंद के घर पूछताछ करने भी पहुंची थी। 

इसी दिन दोपहर अरविंद अपनी पत्नी सपना के साथ बाइक से खनियाधाना गया था। लौटते समय खनियाधाना रेस्ट हाउस के पास चार बाइक सवारों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। 

आरोप है कि बाद में सरकारी 

अस्पताल के पास तालाब किनारे उन्हें फिर से घेर लिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि तालाब किनारे मारपीट के दौरान बृजेश पुरी गोस्वामी ने अरविंद को पकड़ लिया और उसके मुंह में जबरदस्ती जहर की तीन गोलियां डाल दीं। 

जब पत्नी सपना बचाने आई तो उसके साथ भी मारपीट की गई। आरोपित घटना के बाद फरार हो गए। 

अरविंद किसी तरह घर पहुंचा और आपबीती परिजनों को बताई। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे पहले खनियाधाना अस्पताल ले गए, 

जहां से डाक्टरों ने उसे शिवपुरी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया, लेकिन शिवपुरी पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

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