खरीफ फसलों में कीट-रोगों से बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने दी जरूरी सलाह।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार

खरीफ फसलों में कीट-रोगों से बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने दी जरूरी सलाह।

शिवपुरी, 6 अगस्त 2026/ कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार के निर्देशन में डॉ.एम.के. भार्गव और डॉ.पुष्पेंद्र सिंह द्वारा जिले के किसानों को खरीफ 2026 की प्रमुख फसलों मूंगफली, मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग और टमाटर में लग रहे कीट-रोगों से बचाव के उपाय बताए गए हैं।

उड़द और मूंगफली में रोग

उड़द में पत्ती धब्बा और मूंगफली में टिक्का रोग के लक्षण दिखने पर मेटीरम 55 प्रतिशत $ पायरेक्लोस्ट्रोबिन 5 प्रतिशत डब्लूजी 900 ग्राम को 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

उड़द-मूंग में पीला चितकबरा रोग

उड़द और मूंग में पीला चितकबरा रोग के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 0.4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी या डायमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी 1.5 से 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

सोयाबीन में चक्रभृंग कीट

सोयाबीन की शाखाएं लटकी और मुरझाई दिखें तो चक्रभृंग कीट का प्रकोप समझें। इसके नियंत्रण के लिए थायक्लोप्रिड 21.7 एससी 750 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें।

सोयाबीन में इल्लियों का प्रकोप

बिहार हेयरी कैटरपिलर और टस्क मोथ इल्लियां झुंड में रहती हैं। इन्हें शुरुआत में ही पौधे सहित खेत से निकाल दें। दवा की जरूरत हो तो फ्लूबेडियामाइड 20 डब्लूजी 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर या लैम्ब्डा सायहेलोथिन 4.90 प्रतिशत सीएस 300 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें।

सोयाबीन में पीला मोजेक रोग

पीला मोजेक रोग के लक्षण दिखते ही सफेद मक्खी और एफिड के नियंत्रण के लिए थायोमिथोक्सम लैम्ब्डा सायहेलोथिन 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर या बीटासायफ्लुथिन $ इमिडाक्लोप्रिड 350 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें।

मक्का में फालआर्मीवर्म कीट

मक्का की पत्तियों पर गंदगी और नुकसान दिखे तो फालआर्मीवर्म का प्रकोप है। इसके लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 0.5 मिलीलीटर या क्लोरएंट्राप्रिनिलोप्रोल 0.4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

टमाटर में कीट-रोग प्रबंधन

टमाटर की फसल में वायरस जनित रोग से बचाव के लिए खेत में पीला स्टिक ट्रैप लगाएं और इको फ्रेण्डली प्रबंधन उपायों में 16 कतारों के बाद गेंदे की फसल लगाएं।

जरूरी सावधानियां

खरपतवार नाशक और कीटनाशक दवाएं कभी एक साथ न मिलाएं और न ही एक साथ छिड़काव करें। दवा छिड़कते समय मुंह पर मास्क, हाथ में दस्ताने और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। एक दवा के बाद दूसरी दवा डालने से पहले स्प्रे पंप को साफ पानी से धोएं। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय कृषि अधिकारी या कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें।


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