आयरन गोली से नहीं, तय मात्रा से अधिक सेवन करने से बिगड़ी थी छात्राओं की तबीयत- सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

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आयरन गोली से नहीं, तय मात्रा से अधिक सेवन करने से बिगड़ी थी छात्राओं की तबीयत- सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर

आयरन गोली पूरी तरह सुरक्षित, एनीमिया मुक्त भारत अभियान जारी रहेगा।

शिवपुरी, 20 अगस्त 2026/ करैरा तहसील के ग्राम छितीपुर के शासकीय हाईस्कूल में आयरन की गोली खाने के बाद 4 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की तबीयत आयरन की गोली के कारण नहीं बल्कि तय मात्रा से अधिक गोलियां खाने के कारण बिगड़ी थी। जांच में सामने आया कि इन छात्राओं ने एक से अधिक गोलियां खा ली थीं जिससे उन्हें परेशानी हुई। समय पर उपचार मिलने के बाद सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं।

डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि आयरन की गोली पूरी तरह सुरक्षित और सरकार द्वारा प्रमाणित दवा है। यह गोली देशभर में करोड़ों बच्चों को दी जाती है और इसके कोई हानिकारक प्रभाव नहीं हैं, बशर्ते इसे तय मात्रा में और सही तरीके से लिया जाए। आयरन की गोली हमेशा खाना खाने के बाद पानी के साथ लेनी चाहिए, खाली पेट नहीं। गोली को चबाना नहीं चाहिए बल्कि पूरा निगलना चाहिए। किसी भी दवा की तय मात्रा से अधिक सेवन करने पर परेशानी हो सकती है, यह आयरन की गोली के साथ भी लागू होता है।

उन्होंने बताया कि एनीमिया यानी खून की कमी बच्चों में एक गंभीर समस्या है जिससे उनकी पढ़ाई और शारीरिक विकास दोनों प्रभावित होते हैं। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत हर मंगलवार को स्कूलों में आयरन की गोली दी जाती है जो बच्चों में खून की कमी को दूर करने में बेहद कारगर है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम पूरे देश में देखने को मिल रहे हैं।

डॉ. ऋषिश्वर ने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की है कि दवा वितरण के समय यह सुनिश्चित करें कि हर बच्चे को केवल एक ही गोली दी जाए और शिक्षक की निगरानी में ही गोली खिलाई जाए। बच्चों को यह भी समझाएं कि दवा की तय मात्रा से अधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है। इस एक घटना के आधार पर आयरन की गोली को लेकर किसी प्रकार का भ्रम न फैलाया जाए और अभिभावक अपने बच्चों को हर मंगलवार आयरन की गोली जरूर खिलाएं।


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