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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
शिवपुरी नगरपालिका प्रबंधन ने कर्मचारियों को डराने व हड़ताल खत्म करवाने बुलाई शिवपुरी पुलिस। नतीजा शिफर।
एक घंटे की जद्दोजहद के बाद हड़ताल के तीसरे दिन फिर हुई बैठक भी बेनतीजा
शिवपुरी शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई, 400 कर्मचारी तीसरे दिन भी हड़ताल पर अड़े
नपाध्यक्ष व शिवपुरी सीएमओ एवं बुलाई गई पुलिस।
नगर पालिका के करीब चार सौ कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
हड़ताल के तीसरे दिन भी नगर पालिका प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच किसी तरह की सहमति नहीं बन सकी है।
हड़ताल खत्म कराने के लिए गुरूवार को नगर पालिका प्रबंधन ने हड़ताल स्थल पर पुलिस बुला ली और हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
इसके बावजूद कर्मचारी हड़ताल तोड़ने को तैयार नहीं हुए।
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन चाहे जितना अत्याचार कर ले,
वे अपना हक लिए बिना हड़ताल से नहीं हटेंगे। करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद हड़ताल के तीसरे दिन अध्यक्ष, सीएमओ और हड़ताली कर्मचारियों के बीच एक बार फिर बातचीत हुई।
करीब एक घंटे तक चली यह बैठक भी बेनतीजा रही।
बाक्स
हड़ताल से नहीं हटे तो करेंगे कानूनी कार्रवाई
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ यशवंत राठौर का कहना है कि कर्मचारियों की 11 में से 8 मांगें मान ली गई हैं।
बची हुई तीन मांगें, नियमितीकरण, विनियमितिकरण और प्रमोशन की हैं,
जिन्हें तत्काल पूरा करना संभव नहीं है। इसके लिए दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी,
इसलिए प्रबंधन ने तीन महीने का समय मांगा है।
नपाध्यक्ष के अनुसार अगर आज हड़ताल खत्म नहीं होगी तो नियमित कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
दैनिक वेतनभोगी का वेतन काटेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे, आउट सोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाएंगे।
बाक्स
फिर से ठंडे बस्ते में चली जाएंगी उनकी मांगें
वहीं हड़ताल पर गए कर्मचारियों का आरोप है ।
नगर पालिका के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ गुमराह कर रहे हैं।
उन्हें पिछले तीन साल से गुमराह किया जा रहा है और अब फिर किया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि तीन महीने बाद चुनावी माहौल शुरू हो जाएगा।
जिससे उनकी मांगें पहले की तरह ठंडे बस्ते में चली जाएंगी।
सफाईकर्मियों ने मांग की है कि जो आठ मांगें मानने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
उन्हें लिखित में दिया जाए और पैसा खाते में पहुंचने का सबूतनपा प्रबंधन ने कर्मचारियों को डराने व हड़ताल खत्म करवाने बुलाई पुलिस, नतीजा शिफर।
एक घंटे की जद्दोजहद के बाद हड़ताल के तीसरे दिन फिर हुई बैठक भी बेनतीजा
शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई, 400 कर्मचारी तीसरे दिन भी हड़ताल पर अड़े।
फोटो-बातचीत करते नपाध्यक्ष व मनोज लाहौरी
फोटो-नपा परिषद में खड़े नपाध्यक्ष व सीएमओ एवं बुलाई गई पुलिस
फोटो-नारेबाजी करते हड़ताली कर्मचारी
नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी।
नगर पालिका के करीब चार सौ कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताल के तीसरे दिन भी नगर पालिका प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच किसी तरह की सहमति नहीं बन सकी है। हड़ताल खत्म कराने के लिए गुरूवार को नगर पालिका प्रबंधन ने हड़ताल स्थल पर पुलिस बुला ली और हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बावजूद कर्मचारी हड़ताल तोड़ने को तैयार नहीं हुए। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन चाहे जितना अत्याचार कर ले, वे अपना हक लिए बिना हड़ताल से नहीं हटेंगे। करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद हड़ताल के तीसरे दिन अध्यक्ष, सीएमओ और हड़ताली कर्मचारियों के बीच एक बार फिर बातचीत हुई। करीब एक घंटे तक चली यह बैठक भी बेनतीजा रही।
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हड़ताल से नहीं हटे तो करेंगे कानूनी कार्रवाई
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ यशवंत राठौर का कहना है कि कर्मचारियों की 11 में से 8 मांगें मान ली गई हैं। बची हुई तीन मांगें, नियमितीकरण, विनियमितिकरण और प्रमोशन की हैं, जिन्हें तत्काल पूरा करना संभव नहीं है। इसके लिए दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसलिए प्रबंधन ने तीन महीने का समय मांगा है। नपाध्यक्ष के अनुसार अगर आज हड़ताल खत्म नहीं होगी तो नियमित कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। दैनिक वेतनभोगी का वेतन काटेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे, आउट सोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाएंगे।
बाक्स
फिर से ठंडे बस्ते में चली जाएंगी उनकी मांगें
वहीं हड़ताल पर गए कर्मचारियों का आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ गुमराह कर रहे हैं। उन्हें पिछले तीन साल से गुमराह किया जा रहा है और अब फिर किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन महीने बाद चुनावी माहौल शुरू हो जाएगा, जिससे उनकी मांगें पहले की तरह ठंडे बस्ते में चली जाएंगी। सफाईकर्मियों ने मांग की है कि जो आठ मांगें मानने की बात अधिकारी कह रहे हैं, उन्हें लिखित में दिया जाए और पैसा खाते में पहुंचने का सबूत दिया जाए।
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त्यौहार बाद बंद करेंगे पानी, बिजली की सप्लाई
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने हड़ताल के पहले दिन कहा था कि, अगर उनकी मांगें दो दिन में नहीं मानी जाती हैं तो वह हड़ताल में शामिल पंप अटेंडरों और विद्युतकर्मियों के माध्यम से शहर में पानी और लाइट की व्यवस्था को प्रभावित कर देंगे। इस संबंध में आज जब कर्मचारी नेता मनोज लाहौरी से बात की गई तो उनका कहना था कि शहर में त्यौहारी माहौल है। हम त्यौहार के बाबजूद शहर साफ नहीं कर पा रहे हैं, जिसका हमें दुख भी है, ऐसे में अगर पानी और बिजली ठप कर देंगे तो जनता परेशान होगी। अंतत: शहर हमारा भी है, इसलिए हम त्यौहार तक पानी, बिजली की सप्लाई जारी रखेंगे, लेकिन त्यौहार बाद इसे बंद कर देंगे। दिया जाए।
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त्यौहार बाद बंद करेंगे पानी, बिजली की सप्लाई
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने हड़ताल के पहले दिन कहा था कि,
अगर उनकी मांगें दो दिन में नहीं मानी जाती हैं तो वह हड़ताल में शामिल पंप अटेंडरों और
विद्युतकर्मियों के माध्यम से शहर में पानी और लाइट की व्यवस्था को प्रभावित कर देंगे।
इस संबंध में आज जब कर्मचारी नेता मनोज लाहौरी से बात की गई तो उनका कहना था कि शहर में त्यौहारी माहौल है।
हम त्यौहार के बाबजूद शहर साफ नहीं कर पा रहे हैं, जिसका हमें दुख भी है,
ऐसे में अगर पानी और बिजली ठप कर देंगे तो जनता परेशान होगी।
अंतत: शहर हमारा भी है, इसलिए हम त्यौहार तक पानी, बिजली की सप्लाई जारी रखेंगे, लेकिन त्यौहार बाद इसे बंद कर देंगे।
