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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
पोते की मौत का सदमा नहीं सह सकी दादी, कुछ घंटों बाद उसने भी तोड़ा दम।
शिवपुरी - बदरवास जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के ग्राम धामनटूक में शनिवार को एक परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा,
पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया 7 वर्षीय इकलौते पोते अंशुल धाकड़ की मौत के कुछ ही घंटों बाद उसकी 55 वर्षीय दादी शांतिबाई धाकड़ ने भी दम तोड़ दिया एक ही दिन दादी और पोते की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई शनिवार शाम दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार धामनटूक निवासी परमाल धाकड़ का 7 वर्षीय इकलौता बेटा अंशुल गांव के स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ता था नवोदय विद्यालय में प्रवेश की तैयारी के लिए वह पिछले कुछ समय से कोलारस में कोचिंग कर रहा था और अपनी दादी शांतिबाई के साथ वहीं रह रहा था।
शनिवार सुबह अचानक अंशुल की तबीयत बिगड़ गई दादी शांतिबाई ने इसकी जानकारी अंशुल के पिता परमाल को दी सूचना मिलते ही परमाल कोलारस पहुंचे और बेटे को शिवपुरी के एक निजी अस्पताल लेकर गए अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद अंशुल को मृत घोषित कर दिया परिजन अंतिम उम्मीद के साथ उसे जिला अस्पताल भी लेकर पहुंचे, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत बताया।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका था इसी बीच एक रिश्तेदार की सलाह पर परिजनों ने अंशुल को गुना के निजी अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया परिजन अंशुल को लेकर गुना के लिए रवाना हुए इसी दौरान रास्ते में उसकी दादी शांतिबाई की अचानक तबीयत बिगड़ गई परिजनों ने तत्काल शांतिबाई को बदरवास स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया और अंशुल को लेकर गुना रवाना हो गए गुना पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद अंशुल को भी मृत घोषित कर दिया इसके बाद परिजन मासूम का शव लेकर वापस लौट रहे थे, तभी उन्हें बदरवास स्वास्थ्य केंद्र से सूचना मिली कि शांतिबाई की भी मौत हो गई है।
एक ही दिन में इकलौते पोते और दादी की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया धामनटूक गांव में जब शनिवार शाम दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली तो माहौल बेहद गमगीन हो गया दादी और पोते का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया
इस हृदयविदारक घटना को देखकर हर आंख नम नजर आई।
