जैन मुनि श्री अध्यात्म मणि सागर महाराज की हुई समाधि।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

जैन मुनि श्री अध्यात्म मणि सागर महाराज की हुई समाधि।

गाजे बाजे के साथ निकाली डोला विमान शोभायात्रा, जयकारों के साथ हुआ अग्नि संस्कार*।

मुनिश्री ने सल्लेखना समाधि के लिए कर दिया था अन्न ओर जल का त्याग। 

ग्वालियर - जैन धर्म के मुनिश्री अध्यात्म मणि  सागर महाराज (लालमणि) 91 वर्ष की आयु में संयम और साधना के मार्ग पर चलते हुए कुछ दिन पूर्व ही सल्लेखना समाधि का व्रत ले लिया और जीवन भर के लिए चारों प्रकार के अन्न व जल का त्याग कर साधना में लीन हो गए और बुधवार को शाम 07-55 पर उनकी!सल्लेखना समाधि हो गई। वही गुरुवार को मुनि श्री अध्यात्म सागर महाराज का डोला यात्रा निकाली गई।

जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि आत्म साधना वर्षायोग ओर सकल जैन समाज ग्वालियर की ओर चातुर्मास कर रहे जैनचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ओर मुनिश्री अनुमान सागर महाराज से 24 जुलाई को क्षुल्लक दीक्षा ओर 25 जुलाई को मुनिश्री अध्यात्म सागर जैनेश्वरी दीक्षा धारण कर संलेखना पर आत्म कल्याण की ओर अग्रसर थे। वही आत्म साधना पावन वर्षायोग के अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र गंगवाल, सचिव निर्मल पाटनी, मुख्य संयोजक विनय कासलीवाल, महेंद्र टोंग्या, बालचंद्र जैन, चौधरी वीरेंद्र जैन आदि ने विनयांजलि ओर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 

समाधि की खबर सुनते ही उमड़ पडे़ श्रद्धालु दर्शनों के लिए*।

मुनिश्री अध्यात्म मणि सागर महाराज की समाधि की खबर फैली वैसे ही जैन समाज के लोग उनके दर्शन को उमड़ पड़े। समाधि की खबर मिलते ही आसपास के क्षेत्र करहिया, डबरा, मुरैना, मगरोनी, शिवपुरी, आगरा, बानमोर आदि स्थानों से कभी संख्या से श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा पड़।

गाजे बाजों के साथ निकाली डोला विमान यात्रा, नम आँखों से किया नमन।

जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनि श्री अध्यात्म मणि सागर महाराज का डोला यात्रा उनके चातुर्मास प्रवास स्थल चंपाबाग धर्मशाला से गाजे बाजे के साथ निकाली गई। मुनि श्री अध्यात्म मणि सागर महाराज को सुज्जित डोला विमान में बैठाया गया।  जिसमे भारी संख्या में महिला पुरुष शामिल हुए। वही डोला विमान यात्रा में आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज ओर मुनिश्री अनुमान सागर महाराज ससंघ चल रहे थे। मुनिश्री अध्यात्म मणि सागर महाराज के डोले के आगे कमंडल लेकर भूमि शुद्धि संजय मणि आदित्य मणि और मुनिश्री के डोले को कंधे लगाने का सौभाग्य राजकुमार जैन, नेमीचन्द्र जैन, सुरेंद्र जैन ओर चौधरी वीरेंद्र जैन परिजनों को प्राप्त हुआ। डोला यात्रा चंपाबाग धर्मशाला से प्रारंभ होकर नई सड़क, गस्त का ताजिया, सराफा बाजार, महाराज बाड़ा, मोर बाजार, दाना ओली, नक्काश नवर 1, रामकुई से होती हुई गेड़ेवाली सड़क स्थित दिगंबर जैन मंदिर नसिया पहुंची।

मुनिश्री की अंतिम क्रियाएं की गई, किया अग्नि संस्कार।

आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज ओर मुनिश्री अनुमान सागर महाराज के सानिध्य में मार्गदर्शन विधि पूर्वक वैदिक मंत्रों के साथ अतिंम क्रियाएं संस्कार किए गए। डोला से दह संस्कार पर रखने का सौभाग्य धर्मपाल जैन को मिला। वही पूजन धर्मचंद जैन करेरा ओर पंचामृत अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य अभिषेक मयूर जैन को मिला। मुनिश्री अध्यात्म सागर को मुख्य अग्नि संस्कार संजय मणि आदित्य मणि परिवार ने किया। वही हजारों की संख्या मे उपस्थित श्रद्धालुओ ने मुनिश्री अध्यात्म मणि सागर को नम आंखों से हाथ जोडकर जयकारे लगाकर नमन कर उन्हें विदाई दी।

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