सामूहिक प्रयासों से ही संभव होगा पर्यावरण संरक्षण पाठक।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी

समाचार 

सामूहिक प्रयासों से ही संभव होगा पर्यावरण संरक्षण पाठक।

शिवपुरी। पर्यावरण दिवस पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन जिला शिवपुरी की साप्ताहिक गोष्ठी का आयोजन वार्ड क्रमांक 9  महल कॉलोनी में पंडित राजेश बिहारी पाठक के निज निवास पर हुई। 

सबसे पहले भगवान परशुराम के चित्र पर  पंडित सिद्धांत पाठक व्याख्याता व ब्राह्मण समाज के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष पंडित कुंज बिहारी पाराशर एवं जिला संयोजक पंडित कैलाश नारायण भार्गव ने  संयुक्त रूप से माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित  कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। 

मुख्य अतिथि पंडित सिद्धांत पाठक व्याख्याता ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि पृथ्वी केवल हमारी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी धरोहर है। 

पर्यावरण संरक्षण कोई एक दिन का अभियान नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है। आज जिस  प्रकार जलवायु परिवर्तन प्रदूषण और प्राकृतिक संसा


धनों के क्षरण की चुनौतियां बढ़ रही है। उन्हें देखते हुए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है सरकारों, उद्योगों , विज्ञानिकों, सामाजिक संगठनों, और आम नागरिकों को मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना होगा। 

यदि हम प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेंगे तो ही एक स्वच्छ सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण संभव होगा। विश्व पर्यावरण दिवस हमें यही संदेश देता है की धरती की रक्षा करना केवल विकल्प नहीं बल्कि मानवता के अस्तित्व के लिए अनिवार्य आवश्यक है। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे पंडित कुंज बिहारी पाराशर ने कहा कि पर्यावरण केवल पेड़ पौधों नदियों , पहाड़ों और  जीव जंतुओं का समूह नहीं है बल्कि यह जीवन का आधार है, स्वच्छ  हवा ,शुद्ध पानी उपजाऊ भूमि और संतुलित जलवायु मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। प्रकृति हमें भोजन पानी औषधीया ,ऊर्जा और जीवन के लिए आवश्यक अनेक संसाधन प्रदान करती है ,यदि पर्यावरण संतुलित रहता है तो मानव समाज का विकास भी स्थाई रूप से संभव होता है लेकिन जब प्राकृतिक  संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया जाता है जंगलो की कटाई होती है और प्रदूषण बढ़ता है इससे पर्यावरणीय  असंतुलन पैदा होता है  इसका असर केवल प्रकृति पर नहीं मानव के स्वास्थ्य  व अर्थ व्यवस्था और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। पंडित कैलाश नारायण भार्गव ने कहा कि पर्यावरण की अनेक गंभीर समस्याओं में सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन है।और वातावरण में ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा बढ़ रही है  इससे तापमान लगातार बढ़ रहा है, जलवायु परिवर्तन से दुनिया के की हिस्सों में  बाढ़,सूखा, चक्रवात , जंगलों मेंआग, तेज गर्मी, ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे है, और समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, यदि समय रहते  प्रभावी कदम नहीं उठाई तो भावी पीढ़ी को  गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है। संगठन मंत्री पंडित कैलाश नारायण  मुद्गल ने कहा कि आज प्लास्टिक प्रदूषण विश्व की सबसे गम्भीर पर्यावरणीय समस्याओं  में  से एक  है। एक बार उपयोग होने वाला प्लास्टिक पर्यावरण के लिये सबसे बड़ा खतरा वन चुका है। प्लास्टिक को नष्ट होने में सैकड़ो वर्ष लगते है  इसलिए यह  भूमि, जल और समुद्री परिस्थितिकी तंत्र को लंबे समय तक प्रभावित करता है ,हर वर्ष लाखों टन प्लास्टिक समुद्र में पहुंचता है जिससे समुद्री जीवों को भारी नुकसान होता है माइक्रो प्लास्टिक अब  भोजन और पेयजल तक पहुंच चुका है जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है हमें अनुकूल विकल्पों को अपनाना आवश्यक है। पंडित राजेश बिहारी पाठक कहां कि पर्यावरण को बचाने के लिए हर व्यक्ति छोटे-छोटे कदम उठाकर बड़ा बदलाव ला सकता है ,पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना, पानी की बचत करना ,बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करना सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देना और प्लास्टिक का कम उपयोग करना ऐसी उपाय हैं जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है। पंडित  नरहरी प्रसाद अवस्थी ने संकल्प लिया कि बरसात चालू होते ही पोहरी रोड के दोनों तरफ वृक्षारोपण करेंगे।गोष्ठी में प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित राम प्रकाश शर्मा करसेना वाले, पंडित प्रभु दयाल चतुर्वेदी, एन पी अवस्थी , सुरेंद्र पाठक, गजानंद शर्मा उपस्थित अंत में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित हरगोविंद शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

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