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जीतेन्द जैन जिला शिवपुरी
समाचार
उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय,
खंडपीठ ग्वालियर द्वारा जारी आदेशों की अवमानना और विभागीय कार्यों में घोर लापरवाही बरतने के चलते की गई है।
माननीय उच्च न्यायालय में दायर एक रिट याचिका (क्रमांक 7460/2010) के पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने के कारण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना प्रकरण (क्रमांक 1842/2018) दर्ज हुआ था।
डॉ. संजय ऋषीश्वर को इस मामले में विभाग की ओर से संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया था, जिनका दायित्व न्यायालयीन आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित कराना था।
लापरवाही से धूमिल हुई विभाग की छवि
शासकीय आदेश के अनुसार,
डॉ. ऋषीश्वर को 20 अप्रैल 2026 तक न्यायालय में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था,
लेकिन उनकी ओर से कोई समुचित कार्रवाई नहीं की गई। इसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश जारी किया, जिससे शासन और विभाग की छवि खराब हुई।
अनुशासनात्मक कार्रवाई और मुख्यालय परिवर्तन
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. ऋषीश्वर का यह कृत्य 'मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत और कदाचरण की श्रेणी में आता है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर संभाग नियत किया गया है।
इस बड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
