राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा दो नीलगायों की मौत, गौ सेवक कल्लू महाराज ने निभाई मानवता की मिसाल।

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा दो नीलगायों की मौत, गौ सेवक कल्लू महाराज ने निभाई मानवता की मिसाल।

करैरा/झांसी-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग। एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने बेगुनाह जीवों की जान ले ली। काली पहाड़ी और थदरा चौकी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से दो नीलगायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों नीलगाय सड़क किनारे तड़पती रहीं, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना मिलते ही गौ सेवा समिति के अध्यक्ष कल्लू महाराज तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को संभाला और जेसीबी मशीन की सहायता से मृत नीलगायों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर अंतिम संस्कार कराया। इस पूरे कार्य में उनका मानवीय दृष्टिकोण और सेवा भाव साफ झलकता नजर आया।

कल्लू महाराज ने इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झांसी-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन नीलगाय, गोवंश और अन्य वन्य जीव सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में डबल इंजन की सरकार है, तब भी पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी समिति पिछले 25 वर्षों से निरंतर सेवा कार्य में जुटी है। सड़क हादसों में घायल पशुओं को गौशाला लाकर उनका उपचार कराया जाता है और मृत पशुओं का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल कार्य नहीं, बल्कि उनका जीवन और संकल्प है।

कल्लू महाराज ने सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष कानून और ठोस व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही हाईवे पर संकेतक, बैरिकेडिंग और रात्रि में रोशनी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

उन्होंने “पशु-पक्षी सुरक्षा अभियान” चलाने का भी आह्वान किया और कहा कि समाज के हर वर्ग को इसमें भागीदारी निभानी चाहिए। उनका स्पष्ट संदेश था कि “जीव-जंतु, पशु-पक्षी और गोवंश हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, इनकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”

कल्लू महाराज ने भावुक शब्दों में कहा कि उनका जीवन इन बेजुबान प्राणियों की सेवा के लिए समर्पित है और वे अंतिम सांस तक इस कार्य को जारी रखेंगे। उन्होंने शासन और प्रशासन से अपील की कि वे भी आगे आकर इस मुहिम में सहयोग करें, ताकि भविष्य में कोई भी निर्दोष जीव इस तरह सड़क पर तड़पकर दम न तोड़े।

यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि विकास की रफ्तार के बीच कहीं हम संवेदनाओं को तो नहीं खो रहे। जरूरत है जागरूकता, जिम्मेदारी और ठोस कार्रवाई की—ताकि हर जीवन सुरक्षित रह सके।

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