शिवपुरी। परशुराम कल्याण बोर्ड शिवपुरी की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को कृष्णपुरम के वार्ड क्रमांक 10 में पंडित अशोक कुमार शर्मा के निज निवास पर हुई।



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जितेंद्र  जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

भगवान परशुराम जयंती मनाने को लेकर हुई तैयारी बैठक।

शिवपुरी। परशुराम कल्याण बोर्ड शिवपुरी की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को  कृष्णपुरम के वार्ड क्रमांक 10 में पंडित अशोक कुमार शर्मा के निज निवास पर हुई।

बैठक की अध्यक्षता परशुराम कल्याण बोर्ड के  जिला संरक्षक पंडित  कुंज बिहारी पाराशर ने की। बैठक में निर्णय लिया गया  कि इस वर्ष अक्षय तृतीया को भगवान् परशुराम के प्रकटोउत्सव 

जयंती उत्सव 20 अप्रैल 26 को प्रातः 8 बजे श्री राम जानकी तुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर कत्था मिल के परशुराम सभागार में मनाया जायेगा। कल्याण बोर्ड के वार्ड प्रभारी पंडित रमेश भार्गव रातोर वाले एवं पंडित सुरेश चंद्र पाराशर ने संयुक्त रूप से बताया कि परशुराम जयंती के अवसर पर सुबह जिले, प्रदेश,देश, और विश्व शांति, हेतु एवं सामाजिक भाई चारे के लिए भगवान परशुराम की पूजा अर्चना के बाद गीता पाठ परशुराम चालीसा हवन किया जायेगा।   

वार्ड 14 के प्रभारी पंडित लक्ष्मी नारायण शर्मा आकुर्सी वालों ने बताया इस बार परशुराम जयंती को विशेष रूप से आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचे।

इसके बाद मुख्य और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत सम्मान होगा।  पंडित कैलाश नारायण भार्गव के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 

समाजसेवियों द्वारा जिला अस्पताल में रोगियों एवं उनकी अटेंडर को खाद्य पदार्थ का वितरण किया जाएगा प्राप्त 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच में।

कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए शिवपुरी के ब्राह्मण समाज व अन्य सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। 

बैठक में प्रमुख रूप से पंडित प्रभु दयाल चतुर्वेदी  महासचिव  पंडित राजेंद्र पांडे  कोषाध्यक्ष पंडित नलिन अवस्थी उपप्रधान पंडित राम प्रकाश शर्मा  संगठन मंत्री पंडित ओमप्रकाश समाधिया पंडित कैलाश नारायण मुद्गल द्वारका भटेले बलराम भार्गव आदि उपस्थित थे।

बैठक का समापन आपसी सहमति और सहयोग के संकल्प के साथ हुआ। जिसमें सभी ने एकजुट होकर  परशुराम जयंती को ऐतिहासिक रूप से मनाने का निर्णय लिया। बैठक का संचालन पंडित विशंभर दयाल दीक्षित ने किया एवं अंत में पंडित  हरगोविंद शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

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