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समाचार
बैराड़ के परीक्षा सेंटरों पर नकल का बोलबाला।
वैसे तो बैराड़ नकल के मामले मैं हमेशा से ही बदनाम रहा है
जहां पर नकल माफिया हमेशा से बच्चों का भविष्य वरवाद करते आए हैं।
बैराड़ मैं चार परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं जिनमें राइजिंग पब्लिक हाई स्कूल बैराड़,
सिद्धेश्वर एजुकेशनल एकेडमी बैराड़,
सांदीपनी हायर सेकंडरी स्कूल बैराड़
विजयानंद हायर सेकंडरी स्कूल बैराड़।
इन सभी सेंटरों की अगर जांच की जाए तो कई ऐसे पर्यवेक्षक ड्यूटी पर लगाए गए हैं
जो किसी न किसी विद्यालय संचालक के भाईबंद रिश्तेदार या जिनकी गत वर्षों मैं परीक्षा संबंधी कार्यों मैं गतिविधियां संदिग्ध रहीं हैं
अर्थात जो ब्लैक लिस्टेड हैं
कुछ सेंटरों पर तो दिव्यांग पर्यवेक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है जो नियम विरुद्ध है।
अब सवाल ये उठता है कि विभाग की ऐसी क्या मजबूरी रही होगी कि ऐसे पर्यवेक्षकों को ड्यूटी पर लगाना पड़ा।
सेंटरों पर मिलीभगत से बड़ी चतुराई के साथ अपने सेट पर्यवेक्ष के माध्यम से प्रश्न पत्र ले लिया जाता है
और उसी पर्यवेक्षक के माध्यम से सभी कक्षाओं मैं बोल बोल कर पूरे प्रश्न पत्र को हल करा दिया जाता है
सब इतने संगठित तरीके से किया जाता है कि किसी को कानों कान खबर नहीं होती
जैसे ही कोई उड़न दस्ता नगर मैं प्रवेश करता है
वैसे ही इन माफियाओं के लोग अपने अपने चेक प्वाइंट से सेंटरों पर खबर भेज देते हैं
खबरदार उड़न दस्ता आ रहा है
इससे पहले राइजिंग पब्लिक हाई स्कूल जिस पर बच्चों को धूप मैं बिठाने का मामला सामने आया था
ऐसे विद्यालय को जिसमें बच्चों को आने जाने के लिए 4 फीट की गली मात्र है
उसको सेंटर बनाना क्या मजबूरी रही समझ से परे है।
अब बात नकल की आती है इससे किसका भला होने वाला है
छात्र एवं छात्र के पालक को इन माफियाओं के द्वारा मीठा जहर दिया जा रहा है
जिससे बच्चे का भविष्य एवं पालक के सपने वरवाद होना तय है।बस किसी को फायदा है तो वो है इन माफियाओं का।
