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गुना के हाईप्रोफाइल हवाला कांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां ट्रेनी आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ ने रूठियाई चौकी के पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं।
जांच के दौरान पुलिस स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि उनकी ओर से किसी भी प्रकार की वसूली या गलती नहीं हुई है।
स्टाफ के अनुसार, रोकी गई गाड़ी में सवार व्यक्ति ने नकदी का वैध दावा पेश किया था,
जिस पर भरोसा करते हुए उसे जाने दिया गया। इस मामले में जब गुजरात के सूरत स्थित संबंधित जीरा व्यापारी से संपर्क किया गया
तो उसने भी पूरी रकम को वैध बताते हुए पुलिस के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की इच्छा से इनकार किया है।
व्यापारी ने अपनी पहचान सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया है और वर्तमान में वह बयान देने के लिए गुजरात से गुना आने में असमर्थता जता रहा है।
इसी कारण जांच टीम ने उसे औपचारिक नोटिस भेजकर बुलाया है और एक विशेष पुलिस टीम उसे लाने के लिए गुजरात भेजी जा रही है,
जो अगले एक-दो दिनों में उसे लेकर गुना पहुंचेगी।
अधिकारी जाखड़ के मुताबिक, व्यापारी के विस्तृत बयानों के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम का वास्तविक निष्कर्ष सामने आ पाएगा।
इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए धरनावदा थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण का असर जिले के शीर्ष नेतृत्व पर भी पड़ा है,
जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एसपी अंकित सोनी को हटाकर कमान हितिका वासल को सौंपी गई है।
हालांकि, निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के स्थानांतरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। सकल हिंदू समाज के बैनर तले विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सड़कों पर उतर आए हैं और उन्होंने ज्ञापन सौंपकर एसपी के ट्रांसफर पर रोक लगाने की मांग की है। #MPKiBaat #GunaCase #gunahawalacase #gunacasetwist #gujrat #businessman #MPNews #GunaPolice #gunasp
