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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
परशुराम कल्याण बोर्ड शिवपुरी की बैठक में डॉक्टर रन सिंह को दी गई श्रद्धांजलि।
शिवपुरी। प्रख्यात गांधीवादी एवं एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय डॉक्टर रन सिंह परमार को परशुराम कल्याण बोर्ड शिवपुरी एवं अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन की संयुक्त बैठक टी व्ही एस सुजुकी उपाध्याय एजेंसी कार्यालय पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में एकता परिषद शिवपुरी के प्रभारी पंडित राम प्रकाश शर्मा करसेना वालों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि डॉक्टर रण सिंह परमार जी का यो अचानक चले जाना हम सभी को सभी के लिए एक अपूर्ण क्षति है वे एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी भवन ट्रस्ट भोपाल के न्यासी सदस्य एवं राष्ट्रीय युवा योजना और महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा के समर्पित सचिव के रुप में उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित समुदायों की सेवा और उत्थान को समर्पित किया वे केवल एक व्यक्ति नहीं थे बल्कि एक जीवंत विचार, एक प्रेरणा और हमारे कार्यों की मजबूत आधारशिला थे।
परशुराम कल्याण बोर्ड की मातृशक्ति प्रभारी श्रीमती वंदना दीक्षित ने कहा कि डाक्टर रन सिंह परमार ने सच्चे गांधी विचारक होने का अर्थ उन्होंने अपने जीवन से सिद्ध किया सादगी, सेवा, और सत्य के मार्ग पर अडिग रहकर उनके समर्पण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे अपने अंतिम दिन भी भी तिल्दा (रायपुर) छत्तीसगढ़ में ग्रामीण मुखिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोगों को नई दिशा दे रही थे अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन के जिला अध्यक्ष पंडित पुरुषोत्तम कान्त शर्मा ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि चंबल के सपूत रन सिंह परमार का जाना उन सब के लिए अपूर्ण क्षति है इसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती, चंबल के इस सपूत ने पूरे देश में झोला कन्धे पर टांगकर घूमते थे। आदिवासी युवा और वंचित वर्गों के लिए पूरी मेहनत के साथ कार्य किया। इसी अवसर पर परशुराम कल्याण बोर्ड के जिला प्रभारी पंडित श्री निवास उपाध्याय का कहना था कि जल, जंगल और जमीन के सशक्त प्रहरी थे, डॉक्टर रण सिंह परमार समाज सेवा कैसे की जा सकती है सही मायने में रन सिंह परमार से ही सिखा जा सकता था। वे एक दिन में 30 से 40 किलोमीटर पैदल चलना यह उनकी जन सेवा ही थी।
विधि प्रकोष्ठ प्रभारी देवेंद्र मड़वास का कहना था कि ईश्वर ने उन्हें बहुत जल्दी अपने पास बुला लिया परमार का जीवन पूरी तरह से परोपकार के लिए समर्पित था उन्हें समाज सेवा का और अवसर ईश्वर को देना चाहिए था उनके समस्त कार्यों को आगे बढ़ता ही हम सबके लिए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। रमेश चंद शर्मा पवन अवस्थी ने अपनी उद्बोधन में यही कहा कि रन सिंह जी ने अपनी मेहनत से पूरे देश में पहचान बनाई उनके निधन की खबर जब सुनी तो विश्वास ही नहीं हो पा रहा था की दिन रात मेहनत करने वाले समाज सेवा करने वाले व्यक्ति को ईश्वर इतनी जल्दी अपने पास बुला लेगा। पंडित हरि बल्लभ शर्मा ने कहा कि उनका जीवन हमें सिखाता है कि सेवा कभी थमती नहीं वे हमारे बीच भले ही नहीं है पर उनके विचार, ऊर्जा, और उनका संघर्ष सदैव हमें प्रेरित करता रहेगा। अंत में सभी ने 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से राम सेवक गौंड,हरवंश त्रिवेदी हरगोविंद शर्मा विशंभर दयाल दीक्षित सतीश सरिया सुरेश भार्गव डॉक्टर गोविंद बिरथरे एन पी अवस्थी हरि बल्लभ शर्मा रमेश चंद्र भार्गव सुरेंद्र पाठक आदि उपस्थित थे।
