News chacha ka dhamaka
jitender jain jila शिवपूरी
समाचार
करोड़ों युवाओं में से एक हूँ…
हर बार जब कोई सरकारी भर्ती निकलती है,
मैं फॉर्म भरता हूँ… फीस देता हूँ…
और फिर महीनों नहीं, सालों इंतज़ार करता हूँ।
कभी परीक्षा रद्द…
कभी पेपर लीक…
कभी रिज़ल्ट अटका हुआ…
लेकिन फीस?
वो तो समय पर ले ली जाती है।
मैं मेहनत से नहीं डरता…
मैं प्रतियोगिता से नहीं डरता…
मैं सिर्फ़ अनिश्चितता से थक चुका हूँ।
अगर सरकार हमें नौकरी नहीं दे सकती,
तो कम से कम हमारा पैसा तो सुरक्षित रखे…
हमारे सपनों की कीमत मत लगाइए।
ये सिर्फ़ पैसों की बात नहीं है…
ये भरोसे की बात है।
आज सवाल सिर्फ मेरा नहीं…
हर उस छात्र का है
जो घर वालों की उम्मीद लेकर फॉर्म भरता है।
अगर आप भी मानते हैं
कि युवाओं की मेहनत और पैसे का सम्मान होना चाहिए,
तो अपनी राय जरूर दीजिए।
