नगर पालिका की कुर्सी पर बैठकर विकास का सपना बेचने वाले साहब आज खुद न्याय के कटघरे में खड़े कांप रहे हैं



Jitendra jain jila shivpuri  समाचार 

 नगर पालिका की कुर्सी पर बैठकर विकास का सपना बेचने वाले साहब आज खुद न्याय के कटघरे में खड़े कांप रहे हैं

शिवपुरी शहर की जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है

नन्हें मुन्ने  बच्चे, माताएं बहनें खाली बर्तन लेकर प्रशासन को कोस रही हैं

 सड़कों की हालत ऐसी है कि पैदल चलना भी दूभर है  

महोदय को जनता की तकलीफ से 

क्या लेना-देना इनका पूरा ध्यान तो उन करोड़ों रुपयों पर था

शिवपुरी शहर के सुधार के लिए आए थे, मगर सीधे इनकी काली कमाई का हिस्सा बन गए 

आज जब भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं तो साहब फाइलों को ऐसे गायब करवा रहे हैं 

जैसे वे कभी अस्तित्व में ही नहीं थीं 


हैरानी की बात तो यह है कि जब कोई ईमानदार नागरिक या जागरूक व्यक्ति इस लूट खसोट के खिलाफ आवाज उठाता है


साहब अपनी पूरी ताकत उसे झूठे षड्यंत्रों में फंसाने में लगा देते हैं


सेवा की शपथ लेकर कुर्सी पर बैठने वाले इन महोदय ने नगर पालिका को षड्यंत्र का अड्डा बना दिया है  

लेकिन याद रखिए साहब, पाप का घड़ा अब लबालब भर चुका है

सूत्रों की मानें तो बहुत जल्द इस भ्रष्टाचार के साम्राज्य पर बड़ी गाज गिरने वाली है 

 आज जो आप पसीने पोंछते हुए हाईकोर्ट की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं

 यह उसी जनता की बददुआओं का असर है जिसका हक आपने डकारा है 

आप भले ही कागज जला दें या फाइलें दफन कर दें लेकिन शहर की बदहाल सड़कें और सूखे नल आपके खिलाफ सबसे बड़ी गवाही हैं 

कानून के हाथ आपके गिरेबान तक पहुँच चुके हैं 

अब वो दिन दूर नहीं जब आपको अपनी एक-एक करतूत का हिसाब सलाखों के पीछे देना होगा

 अब न कोई षड्यंत्र काम आएगा और न ही कोई रसूख अब सिर्फ और सिर्फ न्याय होगा 

कलम की ताकत पता चलेगा l

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