Jitendra jain jila shivpuri समाचार
आरोन गायत्री मन्दिर पर बैठक में सवर्ण समाज ने यूजीसी बिल के विरोध में एक महत्वपूर्ण बैठक की।
गुरुवार, 29 जनवरी को दोपहर 4 बजे गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में आरोन तहसील स्तर क्षेत्र के सभी स्वर्ण समाज संगठनों ने सहभागिता की।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने एक स्वर में यूजीसी बिल को 'काला कानून' करार दिया।
उन्होंने कहा कि यह कानून समाज को बांटने का काम कर रहा है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्वर्ण समाज का किसी जाति या वर्ग से कोई विरोध नहीं है, बल्कि आपत्ति उस कानून से है जो
सवर्ण समाज को सीधे तौर पर दोषी ठहराने का प्रयास करता है।
उपस्थित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो ज्ञापन व आंदोलन व चक्का जाम के माध्यम से और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज यह बैठक हुई है, और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो कल सड़कों पर उतरकर सरकार को यह कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। वक्ताओं ने इस बिल को आने वाली पीढ़ी के लिए 'घातक' बताया।
बैठक में ब्राह्मण, कश्यप. क्षत्रिय.और वैश्य जैन, समाज ने एकजुट होकर इस कानून का पुरजोर विरोध करने का संकल्प लिया।
सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि आज ही कोर्ट ने UGC act को अव्यवहारिक बताकर स्टे दे दिया जाकर सरकार को नया ड्राफ्ट तैयार करने को कहा है कोर्ट की अगली तारीख 19 मार्च को निर्धारित होने के कारण अभी ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाकर कोर्ट की सुनवाई पश्चात UGC act के संशोधन यदि होता है तो ठीक है नहीं तो इस काले कानून के फैसले के लिए विरोध प्रदर्शन के लिए आगामी बैठक कर कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी
बैठक के अंत में यह संदेश दिया गया कि स्वर्ण समाज इस मुद्दे पर 'आर-पार की लड़ाई' लड़ने के लिए तैयार है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। इस बैठक में बड़ी संख्या में स्वर्ण समाज के लोग उपस्थित रहे।

