Jitendra jain jila shivpuri समाचार
टेंचिंग ग्राउंड का विरोध, सीमांकन करने गए तहसीलदार को बैरंग लौटाया
-कचरा फेंकने गए वाहनों को गांव में ही रोका, रास्ते में डाले पेड़, ज्ञापन सौंप कर जताया विरोध
रन्नौद नगर परिषद द्वारा वार्ड क्रमांक-14 ग्राम सेसई में टेंचिंग ग्राउंड बनाकर वहां पर कचरा फेंका जा रहा है।
बुधवार को तहसीलदार वहां पर टेंचिंग ग्राउंड का सीमांकन करने के लिए पहुंचे तो ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया।
ग्रामीणों ने तहसीलदार को बिना सीमांकन वहां से बैरंग लौटा दिया।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद रन्नौद द्वारा नगर में निकलने वाले कचरे को डंप करने के लिए कलेक्टर के आदेश पर वार्ड क्रमांक-14 में आदिवासी बस्ती के पास 10 बीघा का टेंचिंग ग्राउंड बनाया है।
इस टेंचिंग ग्राउंड के कारण वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी के चलते ग्रामीणों ने पूर्व में नगर परिषद सीएमओ को ज्ञापन सौंप कर वहां कचरा न फेंकने की गुहार लगाते हुए टेंचिंग ग्राउंड का विरोध दर्ज करवाया था।
इसके बावजूद नगर परिषद के कर्मचारी वहीं पर कचरा फेंकते रहे। इसी क्रम में बुधवार को रन्नौद तहसीलदार कल्याण जाटव, पटवारी मोहन चौहान अपने अमले के साथ मौके पर टेंचिंग ग्राउंड का सीमांकन करने के लिए पहुंचे थे।
यह देखकर गांव वालों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने टेेंचिंग ग्राउंड का विरोध दर्ज करवाते हुए सीमांकन नहीं होने दिया। उनका कहना था कि यहां से टेंचिंग ग्राउंड को हर हालत में हटाया जाए। ग्रामीणों के विरोध के बाद तहसीलदार व पटवारी मौके से बैरंग लौट आए। इसके बाद ग्रामीणों ने एक बार पुन: तहसीलदार व थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर वार्ड क्रमांक-14 में टेंचिंग ग्राउंड का विरोध दर्ज करवाया है। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने टेंचिंग ग्राउंड पर कचरा फेंकने पहुंचे तभी गांव वालों ने रास्ते में पेड़ों के तने डाल दिए ताकि न तो कोई वाहन टेंचिंग ग्राउंड तक न पहुंच सके। इस दौरान जो वाहन टेंचिंग ग्राउंड पर कचरा फेंकने पहुंचे थे वह, वहीं फंस कर रह गए हैं।
बाक्स
गुरूवार को फोर्स के साथ करेंगे सीमांकन
तहसीलदार कल्याण जाटव व नप सीएमओ विष्णु भदकारिया का कहना है कि वहां पर टेेंचिंग ग्राउंड के लिए कलेक्टर ने जमीन आवंटित की है।
ग्रामीणों के कहने से थोड़े ही वहां से टेंचिंग ग्राउंड हट पाएगा।
ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि गुरूवार को पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जाकर सीमांकन किया जाएगा, ताकि किसी तरह का विरोध न हो सके।
सीमांकन के बाद वहां पर बाउंड्री बाल आदि के माध्यम से उसे कवर कर दिया जाएगा।
बाक्स
लोग हो रहे बीमार, रोज मर रहे पशु
टेंचिंग ग्राउंड के कारण ग्रामीणों के मवेशी चरने के लिए टेंचिंग ग्राउंड में जा रहे हैं।
इस कारण वह पालीथिन व अन्य तरह का कचरा खाकर बीमार होकर मर रहे हैं।
इसके अलावा कचरा बारिश के दिनों में बहकर तालाब में चला जाता है
इससे तालाब का पानी प्रदूषित हो जाता है। इतना ही नहीं,
टेंचिंग ग्राउंड में 24 घंटे आग लगने के कारण वार्ड के लोग बीमार हो रहे हैं।
वहां से गुजरने वाले दो रास्ते बंद हो गए हैं। मुक्तिधाम तक पहुंचना मुश्किल हो गया है
ऐसे में अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वार्ड क्रमांक-14 में टेंचिंग ग्राउंड का विरोध दर्ज करवाया है।
पूर्व में तहसील की जगह बनाया गया था टेंचिंग ग्राउंड
इससे पूर्व वार्ड क्रमांक-13 में जहां पर आज तहसील बनी हुई है,
वहां पर नगर परिषद लाखों रुपये क लागत से बाउंड्री बाल, कमरा आदि बनाने के साथ मशीनें लगाकर टेेंचिंग ग्राउंड तैयार किया था।
वहां कचरा भी फेंका जाने लगा था, परंतु बाद में पता चला कि उक्त जमीन तहसील के लिए आवंटित हो गई है। इस वजह से वहां से टेेंचिंग ग्राउंड को विस्थापित करना पड़ गया था। एक गलत निर्णय के कारण शासन को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।
