Devotional story:
मोक्षदा एकादशी: आज भगवान विष्णु की विशेष पूजा से कैसे पाएं आध्यात्मिक लाभ? Mokshada Ekadashi Religious Significance
उज्जैन से चाचा का धमाका की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार, 1 दिसंबर को मनाई जा रही मोक्षदा एकादशी का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह वह पावन तिथि है जब द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर उपदेश दिया था, जो आज भी जीवन में धर्म, कर्म और आध्यात्म का मार्गदर्शन करता है।
इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, व्रत-उपवास और गीता पाठ का विधान है, जिससे साधक को विशेष कृपा प्राप्त होती है।
चूंकि आज सोमवार भी है, इसलिए भगवान शिव और चंद्रदेव की पूजा का भी शुभ योग बन रहा है, जिससे एक साथ कई प्रमुख देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा बताते हैं कि मोक्षदा एकादशी का शाब्दिक अर्थ 'मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी' है।
इस दिन सच्चे मन से किए गए व्रत से भक्त को भगवान विष्णु की असीम कृपा मिलती है और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मोक्ष का तात्पर्य है पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति पाकर आत्मा का परमात्मा में विलीन होना।
ऐसी मान्यता है कि इस पावन व्रत का पालन करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
यह व्रत न केवल स्वयं के लिए, बल्कि पितरों की आत्मा की शांति और उनके मोक्ष के लिए भी किया जा सकता है, जिससे परिवार पर भी धर्म का आशीर्वाद बना रहता है।
कई भक्त इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों में जाकर विशेष प्रार्थनाएं करते हैं और पवित्र ग्रंथों का दान कर अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हैं।
यह धार्मिक अनुष्ठान भक्त के जीवन में नई चेतना और शांति लाता है, उसे आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर करता है।
- आज मोक्षदा एकादशी पर गीता उपदेश दिवस, श्री कृष्ण की शिक्षाओं का महत्व।
- भगवान विष्णु के साथ शिव और चंद्रदेव की एक साथ पूजा का विशेष योग।
- व्रत से मोक्ष की प्राप्ति और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति संभव।
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Posted on 01 December 2025 | Keep reading चाचा का धमाका.com for news updates.