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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
करोड़ों की बिल्डिंग में दरारें, खेल का मैदान नदारद!
CM राइज स्कूल की गुणवत्ता पर सवाल, जांच और जवाबदेही की मांग ।
शिवपुरी। शहर के सीएम राइज स्कूल की भवन निर्माण गुणवत्ता और विद्यार्थियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे स्कूल भवन में दरारें दिखाई देने और खेल का मैदान उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आने के बाद निर्माण कार्य तथा व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
सीएम राइज स्कूलों की परिकल्पना विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं, बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की है। ऐसे में यदि स्कूल भवन की दीवारों में दरारें दिखाई दे रही हैं और विद्यार्थियों के लिए खेल का मैदान जैसी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो यह गंभीरता से जांच का विषय है। सवाल यह भी है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई और भवन की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कराया गया है या नहीं।
निर्माण की गुणवत्ता पर कौन देगा जवाब?
स्कूल भवन में दरारें आने के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों से निरीक्षण कराना आवश्यक है। दरारें सतही हैं या भवन की संरचनात्मक मजबूती से संबंधित, इसका निर्णय केवल विशेषज्ञों की जांच के बाद ही किया जा सकता है। यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
इस संबंध में पीआईयू अधिकारी मेघा श्रीवास्तव से चर्चा किए जाने की बात भी सामने आई है, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
जांच के बाद सामने आए सच्चाई
अब मांग उठ रही है कि भवन निर्माण की लागत, स्वीकृत नक्शे, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी की जांच कराई जाए। साथ ही खेल मैदान और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता की स्थिति भी स्पष्ट की जाए।
प्रशासन को चाहिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता देते हुए मामले का संज्ञान ले तथा जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करे। आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि निर्माण की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं, तो इनका जवाब मिलना जरूरी है।
