बच्चों के सपनों का स्कूल या सरकारी बजट की परीक्षा? CM राइज स्कूल में उठे गंभीर सवाल दरारों वाली दीवारें, गायब मैदान! CM राइज स्कूल के निर्माण पर जवाब कौन देगा? CM राइज स्कूल में सब कुछ ठीक है? जमीनी स्थिति की निष्पक्ष जांच की मांग नेताजी जितेंद्र जैन | जिला शिवपुरी शिवपुरी। विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई सीएम राइज स्कूल योजना को लेकर शिवपुरी में भवन निर्माण की गुणवत्ता और बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल भवन में दरारें दिखाई देने और खेल का मैदान उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आने के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा सरकारी धन के उपयोग की जांच की मांग की जा रही है। सीएम राइज स्कूलों से अभिभावकों और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, सुरक्षित भवन, आधुनिक कक्षाएं और खेलकूद की सुविधाओं की उम्मीद रहती है। ऐसे में यदि भवन की दीवारों में दरारें दिखाई देती हैं, तो यह जानना जरूरी है कि इनके पीछे क्या कारण हैं। क्या निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार हुआ है? क्या भवन की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण किया गया? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग को स्पष्ट करना चाहिए। दरारों वाली दीवारें, मैदान का इंतजार! स्कूल में खेल मैदान की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में पढ़ाई के साथ खेलकूद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है। प्रशासन को बताना चाहिए कि विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने की क्या योजना है। इस संबंध में पीआईयू अधिकारी मेघा श्रीवास्तव से चर्चा किए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चर्चा के बाद भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। हालांकि, निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि तकनीकी जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकती है। अब जांच और जवाबदेही जरूरी मांग उठ रही है कि भवन का विशेषज्ञों से तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। निर्माण लागत, स्वीकृत नक्शे, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और कार्य की निगरानी से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बड़ा सवाल यही है—क्या सीएम राइज स्कूल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रहा है, या बुनियादी सुविधाओं और निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवालों का जवाब अभी बाकी है? प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



न्यूज़ चाचा का धमाका 

जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

बच्चों के सपनों का स्कूल या सरकारी बजट की परीक्षा? CM राइज स्कूल में उठे गंभीर सवाल

दरारों वाली दीवारें, गायब मैदान! CM राइज स्कूल के निर्माण पर जवाब कौन देगा?

CM राइज स्कूल में सब कुछ ठीक है? जमीनी स्थिति की निष्पक्ष जांच की मांग

जिला शिवपुरी

शिवपुरी। विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई सीएम राइज स्कूल योजना को लेकर शिवपुरी में भवन निर्माण की गुणवत्ता और बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल भवन में दरारें दिखाई देने और खेल का मैदान उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आने के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा सरकारी धन के उपयोग की जांच की मांग की जा रही है।

सीएम राइज स्कूलों से अभिभावकों और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, सुरक्षित भवन, आधुनिक कक्षाएं और खेलकूद की सुविधाओं की उम्मीद रहती है। ऐसे में यदि भवन की दीवारों में दरारें दिखाई देती हैं, तो यह जानना जरूरी है कि इनके पीछे क्या कारण हैं। क्या निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार हुआ है? क्या भवन की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण किया गया? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग को स्पष्ट करना चाहिए।

दरारों वाली दीवारें, मैदान का इंतजार!

स्कूल में खेल मैदान की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में पढ़ाई के साथ खेलकूद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है। प्रशासन को बताना चाहिए कि विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने की क्या योजना है।

इस संबंध में पीआईयू अधिकारी मेघा श्रीवास्तव से चर्चा किए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चर्चा के बाद भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। हालांकि, निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि तकनीकी जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकती है।

अब जांच और जवाबदेही जरूरी

मांग उठ रही है कि भवन का विशेषज्ञों से तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। निर्माण लागत, स्वीकृत नक्शे, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और कार्य की निगरानी से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बड़ा सवाल यही है—क्या सीएम राइज स्कूल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रहा है, या बुनियादी सुविधाओं और निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवालों का जवाब अभी बाकी है? प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने