शिवपुरी में सनसनीखेज मामला: सराफा व्यापारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाने वाले धर्मेंद्र ने खाया जहर, अब व्यापारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर दर्ज कराई 10.55 लाख के जेवर हड़पने की शिकायत

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जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी 

समाचार 

शिवपुरी में सनसनीखेज मामला: सराफा व्यापारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाने वाले धर्मेंद्र ने खाया जहर, अब व्यापारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर दर्ज कराई 10.55 लाख के जेवर हड़पने की शिकायत




​शिवपुरी:

शहर में सोने के जेवरों के लेन-देन का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक तरफ जहां कर्ज के दबाव में एक कारीगर द्वारा जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर सराफा व्यापारियों ने उस पर 10 लाख से अधिक के जेवर हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। इस दोतरफा स्थिति ने पूरे शहर के व्यापारिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी शिवपुरी निवासी धर्मेंद्र सोनी सराफा बाजार में सोने-चांदी की कारीगरी का काम करता है। शनिवार सुबह उसने कथित तौर पर जहर खाकर जान देने की कोशिश की, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में भर्ती होने के बाद धर्मेंद्र ने आरोप लगाया था कि सराफा व्यापारी उससे पैसे लौटाने के लिए अनुचित दबाव बना रहे हैं, और उसे करीब 7 लाख रुपये चुकाने हैं जो फिलहाल उसके पास नहीं हैं।

​चार सराफा व्यापारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर खोली पोल

​शनिवार शाम को इस मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब चार प्रतिष्ठित सराफा व्यापारी एसपी कार्यालय पहुंचे और धर्मेंद्र सोनी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। व्यापारियों का आरोप है कि धर्मेंद्र पिछले दो-तीन महीनों से उनसे यह कहकर जेवर ले गया था कि ग्राहकों को बेचने के बाद उनकी रकम लौटा देगा, लेकिन न तो जेवर वापस किए गए और न ही पैसे चुकाए गए।

​शिकायत दर्ज कराने वाले व्यापारियों और उनकी बकाया राशि का विवरण इस प्रकार है:

​सचिन खंडेलवाल: 2 लाख 80 हजार रुपए के जेवर

​रचित गर्ग: 5 लाख रुपए के जेवर

​आदित्य गर्ग: 1 लाख 95 हजार रुपए के जेवर

​विनोद सोनी: 80 हजार रुपए के जेवर

कुल राशि: 10 लाख 55 हजार रुपए के सोने के जेवर।

​पुराने भरोसे का उठाया फायदा

​व्यापारियों का कहना है कि धर्मेंद्र पहले भी चार-पांच बार उनसे जेवर लेकर समय पर भुगतान कर चुका था। इसी पुराने और आपसी भरोसे के आधार पर उन्होंने इस बार भी उसे जेवर सौंप दिए थे, जिसका उसने गलत फायदा उठाया। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे अपनी रकम या जेवर वापस मांगने जाते थे, तो वह उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां देता था।

​फिलहाल, सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद व्यापारियों ने पुलिस से न्याय और रिकवरी की गुहार लगाई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है।

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