न्यूज़ चाचा का धमाका
जीतेन्द्र जैन जिला शिवपुरी।
समाचार
शिवपुरी PG कॉलेज की बदहाल तस्वीरें खोल रही हैं व्यवस्था की पोल, विधायक प्रतिनिधि से लेकर कॉलेज प्रबंधन तक सवालों के घेरे में।
शहर के शासकीय पीजी कॉलेज की सामने आई तस्वीरें देखकर
यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर विद्यार्थियों के लिए बनी इस सरकारी शिक्षण संस्था की बुनियादी व्यवस्थाओं की
जिम्मेदारी किसके कंधों पर है? तस्वीरों में कॉलेज के शौचालयों की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। गंदगी, बदरंग दीवारें, जर्जर टाइलें, खराब फर्श, पुराने और अव्यवस्थित पाइप, जगह-जगह टूट-फूट और बिजली के स्विच-बोर्ड की स्थिति साफ बता रही है कि यहां रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही के सवाल खड़े होते हैं।
यह कोई ऐसी जगह नहीं जहां कभी-कभार कोई व्यक्ति पहुंचता हो।
यह वह कॉलेज है जहां शिवपुरी के विद्यार्थी अपने भविष्य की पढ़ाई करने रोज पहुंचते हैं।
जब विद्यार्थियों को घंटों कॉलेज परिसर में रहना पड़ता है,
क्या उन्हें कम से कम साफ-सुथरे और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराना भी संभव नहीं है?
सवाल यह भी है कि
कॉलेज प्रबंधन आखिर किस बात की निगरानी कर रहा है।
प्रोफेसर रोज कॉलेज में आते हैं, अधिकारी परिसर में मौजूद रहते हैं, लेकिन क्या किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने कभी जाकर देखा कि विद्यार्थियों के इस्तेमाल करने वाले शौचालयों की हालत क्या है?
अब सवाल उस विधायक प्रतिनिधि से भी है,
जिसे क्षेत्रीय समस्याओं और जनता की आवाज को जनप्रतिनिधि तक पहुंचाने की जिम्मेदारी से जोड़ा जाता है।
अगर कॉलेज में विद्यार्थियों की बुनियादी सुविधाओं की यह हालत है,
तो क्या विधायक प्रतिनिधि ने कभी कॉलेज जाकर वास्तविक स्थिति देखी?
क्या विद्यार्थियों से उनकी समस्याएं पूछीं?
क्या कॉलेज प्रबंधन से सवाल किया?
क्या विधायक के सामने इस मुद्दे को उठाया
? अगर यह सब नहीं हुआ,
तो फिर प्रतिनिधित्व का मतलब आखिर क्या रह जाता है?
सिर्फ पद मिल जाना जिम्मेदारी पूरी करना नहीं होता।
जिम्मेदारी तब दिखाई देती है
जब जनता की समस्या को देखा जाए, उसे उठाया जाए और उसके समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जाए।
कॉलेज की ये तस्वीरें अब उसी जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर रही हैं।
