न्यूज़ चाचा का धमाका
जितेंद्र जैन जिला शिवपुरी
समाचार
एक साल से टूटा पड़ा दिनारा का चेक डैम, आखिर कब जागेगा सिंचाई विभाग।दिनारा। पूर्व राजाओं की विरासत और क्षेत्र की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक दिनारा तालाब से जुड़ा चेक डैम पिछले लगभग एक वर्ष से टूटा पड़ा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इसकी मरम्मत कराने में गंभीरता नहीं दिखा सका है। पावर हाउस के सामने स्थित यह चेक डैम आज अपनी बदहाली की कहानी स्वयं बयां कर रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इसका सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में जल संकट और अधिक गहरा सकता है।
समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने कलेक्टर अर्पित वर्मा से तत्काल हस्तक्षेप कर चेक डैम की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक निर्माण कार्य का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों, पशु-पक्षियों और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर विषय है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार चेक डैम के क्षतिग्रस्त होने से जल संग्रहण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीणों, किसानों और आसपास के क्षेत्रों पर पड़ रहा है। गर्मी के दिनों में जहां इस स्थान पर लोग स्नान करने, पानी लेने और पशुओं को पानी पिलाने आते थे, वहीं अब पर्याप्त पानी न होने के कारण निराश होकर लौटना पड़ता है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सिंचाई विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। सवाल यह उठता है कि जब समस्या लंबे समय से विभाग के संज्ञान में है तो फिर सुधार कार्य क्यों शुरू नहीं किया गया? क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर जल संकट का इंतजार कर रहा है?
कल्लू महाराज ने कहा कि इस चेक डैम के नीचे गौवंश, पशु-पक्षी और अन्य जीव-जंतु पानी पीने आते हैं। जल स्रोत कमजोर होने का असर केवल इंसानों पर नहीं बल्कि पूरे जीव-जगत पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि "जल ही जीवन है" केवल नारा नहीं बल्कि वास्तविकता है। यदि जल स्रोतों की उपेक्षा होती रही तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया तो जनहित में आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाया जाएगा। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि जल संरक्षण और जनहित के लिए होगी।
क्षेत्र के नागरिकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने भी मांग की है कि सिंचाई विभाग इस मामले को गंभीरता से ले और तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर मरम्मत कार्य प्रारंभ करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि एक वर्ष से अधिक समय तक यह महत्वपूर्ण संरचना उपेक्षा का शिकार क्यों रही।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल स्रोतों को नहीं बचाया गया तो भविष्य में जल संकट और गंभीर होगा। समय की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचें, स्थिति का आकलन करें और चेक डैम को पुनः उपयोगी बनाने के लिए तत्काल कार्रवाई करें।— *गौ सेवक कल्लू महाराज, दिनारा*
जल बचाइए, जीवन बचाइए — पशु, पक्षी और मानव सभी के लिए जल अमृत है।
